माघ मेला 2026 का आज 44वां और अंतिम दिन है. छठवें और आखिरी स्नान पर्व महाशिवरात्रि पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ त्रिवेणी संगम पर उमड़ पड़ी है. सुबह 8 बजे तक करीब 15 लाख लोगों ने आस्था की डुबकी लगा ली थी. जैसे-जैसे दिन चढ़ रहा है, वैसे-वैसे संगम तट पर श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है.

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आज तड़के ब्रह्म मुहूर्त से ही लोग संगम पहुंचने लगे थे. श्रद्धालु गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम में स्नान कर खुद को धन्य महसूस कर रहे हैं. मान्यता है कि महाशिवरात्रि के दिन स्नान और पूजा का फल कई गुना बढ़ जाता है. ग्रह-नक्षत्रों के खास संयोग को भी इस बार बेहद शुभ माना जा रहा है.

स्नान के बाद शिवालयों में अभिषेक

संगम में डुबकी लगाने के बाद श्रद्धालु शहर के अलग-अलग शिवालयों में पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक कर रहे हैं. आज के दिन अन्न, वस्त्र और स्वर्ण दान का भी विशेष महत्व बताया गया है. कई श्रद्धालु जरूरतमंदों को दान करते नजर आए.

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एक करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान

मेला प्रशासन ने आज करीब 1 करोड़ लोगों के स्नान का अनुमान लगाया है. भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारी ग्राउंड जीरो पर मौजूद हैं और हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है. शिवालयों और प्रमुख मार्गों पर भी अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं.

उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल साइट एक्स पर पोस्ट किया.  उन्होंने लिखा कि, "देवाधिदेव महादेव की उपासना को समर्पित 'महाशिवरात्रि' के पावन स्नान पर्व पर आज तीर्थराज प्रयाग की त्रिवेणी संगम में आस्था की डुबकी लगाने हेतु पधारे सभी पूज्य साधु-संतों, धर्माचार्यों, कल्पवास के लिए पधारे साधकों एवं श्रद्धालुओं का हार्दिक अभिनंदन. देवाधिदेव महादेव एवं पुण्य प्रदायिनी माँ गंगा की कृपा सभी भक्तों पर बनी रहे, साधकों की साधना एवं श्रद्धालुओं के मनोरथ पूर्ण हों, यही प्रार्थना है."

22 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालुओं ने किया स्नान

इस बार के माघ मेले में अब तक 22 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु संगम में स्नान कर चुके हैं, जो अपने आप में एक नया रिकॉर्ड है. महाशिवरात्रि के इस आखिरी स्नान पर्व के साथ ही माघ मेला 2026 का औपचारिक समापन हो जाएगा. श्रद्धा, भक्ति और आस्था से भरे इस माहौल के साथ प्रयागराज का माघ मेला एक ऐतिहासिक पड़ाव पर पहुंच गया है.