बुधवार की सुबह एक ऐसी खबर आई जिसे सुनकर-पढ़कर हर कोई हैरान रह गया. मुलायम सिंह यादव के बेटे और अखिलेश यादव से सौतेले भाई प्रतीक यादव की लखनऊ की मौत हो गई। प्रतीक को सुबह 5 बजे के करीब उनके कुछ दोस्त अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उनको ब्रॉट डेड घोषित कर दिया. यानी अस्पताल पहुंचने से पहले ही प्रतीक दम तोड़ चुके थे. प्रतीक की मौत खबर जैसे ही मीडिया में आई, तरह-तरह की अटकलें लगीं. कोई इसे साजिश से जोड़ने लगा तो किसी ने कहा कि वो डिप्रेशन में थे. 

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24 घंटों प्रतीक यादव के साथ क्या कुछ हुआ था 

  • सूत्रों के मताबिक फेफड़ों की गंभीर बीमारी से जूझ रहे प्रतीक की सुबह 5 बजे तबीयत बिगड़ी 
  • इलाज के लिए लखनऊ के सिविल अस्पताल से डॉक्टर को बुलाया गया 
  • घर पर हालत बिगड़ने लगी तो डॉक्टर उन्हें अस्पताल ले आए
  • सुबह 5 बजकर 55 मिनट पर वो अस्पताल पहुंचे 
  • जहां जांच के बाद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया
  • 14 मई को दोपहर में उनका अंतिम संस्कार होगा

मौत के वक्त लखनऊ में नहीं थीं पत्नी अपर्णा

जिस वक्त प्रतीक की मौत हुई उस वक्त उनकी पत्नी अपर्णा यादव लखनऊ में नहीं थीं. जानकारी मिलते ही वो मुंबई से लखनऊ लौटीं. पति के शव के पास वो अपनी बेटियों के साथ खड़ी दिखीं. अपर्णा बीजेपी की नेता हैं लिहाजा उनके पति की मौत पर सांत्वना देने के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ से लेकर तमाम बड़े नेता उनके घर गए. प्रतीक यादव मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे थे इसीलिए मामला हाईप्रोफाइल हो गया.

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सपा विधायक ने कह दी जहर वाली बात

उनकी अचानक मौत को साजिश और सवालों के साथ जोड़ा जाने लगा. इसी बीच अखिलेश यादव जब अस्पताल पहुंचे तब उन्होंने साजिश तो नहीं लेकिन तनाव और बिजनेस में घाटे की बात कहकर मौत की एक संभावित वजह की ओर इशारा किया. अखिलेश यादव के बयान के बाद अटकलें लगने लगीं कि प्रतीक की मौत किसी तनाव की वजह से तो नहीं हुई? समाजवादी पार्टी विधायक रविदास मेहरोत्रा ने जहर वाली बात कह दी.

शुरुआती पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में क्या कुछ पता चला

जहर की बात सुनकर सबके कान खड़े हो गए. सबको लगने लगा कि कहीं सच में मुलायम सिंह की दूसरी पत्नी के बेटे की मौत किसी जहर की वजह से तो नहीं हुई? लेकिन पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सब कुछ साफ हो गया. प्रतीक के फेफड़ों में खून जमने से फेफड़े और दिल ने काम करना बंद कर दिया और उनकी मौत हो गई. अब जो खून के थक्के जमे थे उनकी जांच के लिए सैंपल ले लिया गया है. हालांकि रिपोर्ट में मौत से पहले कुछ चोटों का भी जिक्र है जिसपर अभी भी सवाल उठ रहे हैं.  

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किस बीमारी से जूझ रहे थे प्रतीक यादव

सूत्र बताते हैं कि 38 साल के प्रतीक पल्मोनरी एम्बोलिज्म नाम की फेफड़ों की गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे. इसी साल अप्रैल में अस्पताल में भर्ती भी हुए थे. वो फिटनेस से जुडा बिजनेस करते थे. खुशमिजाज रहते थे. सबसे अच्छे संबंध थे लेकिन जिस बीमारी ने उन्हें जकड़ा था, उसमें खून का थक्का फेफड़ों में जम जाता है.

जिम और जानवरों से जुड़ा संगठन चलाते थे प्रतीक

प्रतीक यादव मुलायम परिवार के वो सदस्य थे जो राजनीति से दूर रहते थे. मुलायम सिंह ने दो शादियां की थीं. पहली शादी मालती देवी से हुई. उनके निधन के बाद दूसरी शादी साधना गुप्ता के साथ की. अखिलेश यादव मुलायम सिंह की पहली पत्नी मालती देवी के बेटे हैं. जबकि दूसरी पत्नी साधना का पहले से एक बेटा प्रतीक थे जिसे मुलायम सिंह ने अपना बेटा स्वीकार किया. प्रतीक लखनऊ में अपनी जिम और जानवरों से जुड़ा संगठन चलाते थे.