उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले की मानिकपुर थाना पुलिस ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात अवरुद्ध करने और पुलिस पर हमला करने के आरोप में नौ महिलाओं समेत 23 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इन सभी ने बहकावे में आकर राजमार्ग जाम किया था और तोड़फोड़ की थी. सभी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था. अब इसमें सख्त कार्रवाई होगी.

Continues below advertisement

पुलिस की इस कार्रवाई से पूरे गांव में हड़कम्प मचा हुआ है. अधिकारियों के मुताबिक अभी कुछ और लोगों पर भी कार्रवाई हो सकती है. इस घटना में कई पुलिस वाले भी घायल हुए थे. किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा.

क्या था पूरा मामला ?

अपर पुलिस अधीक्षक (पश्चिमी) बृजनंदन राय ने बताया कि पुलिस ने थाना मानिकपुर की निवासी साहूमई बिछलहता की तहरीर पर 30 जनवरी को उसके 22 वर्षीय बेटे को धोखे से जहर खिलाने और उपचार के दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) कुंडा में उसकी मौत होने के संबंध में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं के अंतर्गत अमन सोनकर, बब्बू पटेल और विनोद पटेल सहित तीन आरोपियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की.

Continues below advertisement

एएसपी ने बताया कि युवक के पोस्टमार्टम के बाद ग्रामीणों के बहकावे में आकर रविवार को कुछ लोगों ने उसके शव को लखनऊ-प्रयागराज राजमार्ग पर रखकर यातायात बाधित करने का प्रयास किया और पुलिस ने उन्हें शांतिपूर्वक रोकने का प्रयास किया.

भीड़ ने जाम लगाकर किया था पथराव

एएसपी ने बताया कि इसी दौरान भीड़ ने उग्र होकर पुलिस पर पथराव किया और लाठी-डंडों से हमला किया तथा सरकारी वाहनों को भी क्षतिग्रस्त कर दिया. इस घटना में कुछ पुलिसकर्मी भी घायल हो गए. उन्होंने बताया कि घटना के संबंध में थाना मानिकपुर पुलिस ने बीएनएस की संबंधित धाराओं में 25 नामजद और 25-30 अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की. इसके बाद नौ महिलाओं सहित कुल 23 आरोपियों को क्षेत्र के बिटियन मेला ग्राउंड से गिरफ्तार कर लिया गया.