पश्चिम बंगाल में मदरसों के अंदर वंदे मातरम अनिवार्य कर दिया गया है. जिसे लेकर यूपी तक सियासत गर्माने लगी हैं. सपा सांसद ने जियाउर्रहमान बर्क ने इस फैसले का विरोध किया, जिसपर आचार्य प्रमोद कृष्णम की तीखी प्रतिक्रिया सामने आई हैं. उन्होंने कहा कि सपा सांसद का दिल हमेशा ही पाकिस्तान के लिए धड़कता है, इसलिए वो वंदे मातरम नहीं बोलेंगे.
आचार्य प्रमोद कृष्णम ने जियाउर्रहमान बर्क के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि सँभल के सांसद (जियाउर्रहमान बर्क) की दिल हमेशा पाकिस्तान, तालिबान और बांग्लादेश के लिए धड़कता हैं, जिसका दिल पाकिस्तान के लिए धड़कता है, वो वंदे मातरम नहीं बोलेगा.
जानें क्या है पूरा विवाद?
दरअसल पूरा विवाद पश्चिमी बंगाल के मदरसों वंदे मातरम राष्ट्रीय गीत को अनिवार्य बनाने के बाद शुरू हुआ. बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने नया आदेश जारी किया है, जिसमें उन्होंने सभी मदरसों को निर्देश दिया है कि अब से सुबह की प्रार्थना में वंदे मातरम गाना अनिवार्य होगा. उत्तर प्रदेश में भी सरकार ने शैक्षणिक संस्थाओं में वंदे मातरम पर ज़ोर दिया है.
इस लेकर जब संभल से समाजवादी पार्टी के सांसद जियाउर्रहमान बर्क से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि ‘देश भक्ति जबरदस्ती बुलवाने से नहीं होती’, राष्ट्रगान का सभी लोग सम्मान करते हैं, मुस्लिमों को देश भक्ति सिद्ध करने की जरूरत नहीं हैं.’
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वंदे मातरम पर क्या बोले जियाउर्रहमान बर्क
सपा सांसद ने आगे कहा कि देश के प्रति अपनी वफादारी दिखाने के लिए किसी अल्फ़ाज को बोलना जरूरी नहीं है. वक्त पर तय होता है कि कौन अपने देश से किस तरह वफादार है और अगर सरकार ये कहे कि इस प्रकार के अल्फ़ाज़ बोलो तभी वफादार होगे तो अफ़सोस हैं कि इस प्रकार की सरकार की मंशा है.
देश का जो राष्ट्रगीत हैं उसमें अलग-अलग मतभेद हैं. सभी को ये जानना चाहिए कि राष्ट्रगान का सभी धर्म और बिरादरी के लोग सम्मान करते हैं लेकिन, राष्ट्रगीत ऐसा गीत हैं जिसपर संविधान सभा में भी आपत्ति हुई थी. हमें आपत्ति राष्ट्र से नहीं गीत से हैं और गीत के कुछ अल्फाजों से हैं.
