उत्तर प्रदेश के लखनऊ स्थित पुलिस मुख्यालय में रविवार (28 दिसंबर) को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में आयोजित पुलिस मंथन  कार्यक्रम में प्रदेश की कानून-व्यवस्था, पुलिसिंग सुधार एवं संवेदनशील विषयों पर गहन मंथन किया गया. इसी क्रम में ADG कानून-व्यवस्था अमिताभ यश के नेतृत्व में आगरा में अवैध धर्मांतरण के विरुद्ध चलाए जा रहे मिशन अस्मिता को लेकर पुलिस कमिश्नर, आगरा दीपक कुमार द्वारा विस्तृत, तथ्यपरक एवं प्रभावशाली प्रेजेंटेशन प्रस्तुत किया गया, जिसमें अब तक की गई कार्यवाहियों, अभियानों की रणनीति तथा समाज को सुरक्षित रखने के प्रयासों की जानकारी दी गई.

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प्रेजेंटेशन के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन के दौरान आगरा पुलिस द्वारा अवैध धर्मांतरण के मामलों में की गई सख्त, संवेदनशील और सराहनीय कार्यवाही की प्रशंसा करते हुए इसे प्रदेश के लिए एक अनुकरणीय मॉडल बताया. डीजीपी यूपी राजीव कृष्णा द्वारा पुलिस कमिश्नर, आगरा को स्मृति-चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया, जिससे आगरा पुलिस के अधिकारियों एवं कर्मचारियों का मनोबल बढ़ा और अवैध गतिविधियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के संकल्प को और मजबूती मिली.

पुलिस कर्मियों को मिलती है प्रेरणा

आगरा पुलिस अधिकारियों ने सम्मान मिलने को सभी पुलिस कर्मियों की सफलता बताया और कहा कि इससे सभी को अपने कार्य में निरंतर बेहतर करने की प्रेरणा मिलती है. वहीं जब यह मौका पूरे प्रदेश के अधिकारियों और खुद मुखिया तारीफ़ करें तो और बढ़ जाता है. पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार ने कहा कि यह सम्मान आगरा पुलिस के साथ-साथ आगरा की जनता को भी समर्पित है, जिसके सहयोग से पुलिस को सफलता मिली.

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AI की मदद लेने को CM ने दिए थे निर्देश

यहां बता दें कि सीएम योगी ने कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों को संबोधित करते हुए धर्मान्तरण में AI के इस्तेमाल की सलाह दी थी. उन्होंने स्पष्ट किया था कि चंद लोगों की गिरफ्तारी तक कार्रवाई सीमित न रहे पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने का लक्ष्य रखना होगा. तभी धर्मान्तरण जैसे मामलों को रोका जा सकता है. इसमें भी जो वित्तीय लेनदेन में निगरानी बढ़ानी पड़ेगी.