Uttarakhand News: सींमात जनपद पिथौरागढ़ (Pithoragarh) की बदहाल स्वास्थ्य (Health) व्यवस्था पर बार- बार सवालिया निशान लगते रहते है. उसके बावजूद स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को बेहतर करने के दावे होते तो हजार बार है पर किस्सा वहीं ढाक के तीन पात वाली कहावत चरितार्थ होती है. जब जिला मुख्यालय में ही रविवार को भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव में लोगों को हल्द्बानी, बरेली जैसे महानगरों को दौड़ उपचार के लिए लगानी पड़ती है.
क्या है समस्याजनपद के दुरस्थ क्षेत्रों की स्वास्थ्य सुविधाओं का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है. मुनस्यारी तहसील के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मे विगत एक वर्ष से सचल सुविधाओं का वाहन खड़ा है. जिसका लाभ मुनस्यारी तहसील के ग्रामीण क्षेत्रों में नहीं पहुंच पा रहा है. वाहन में एक्स-रे मशीन, ब्लड टेस्टिंग समेत तमाम उपकरण मौजूद हैं. पर न तो चालू हालत में उपकरण है और न ही वाहन चालू हालत मे. डॉ विनोद प्रभारी स्वास्थ्य केन्द्र का कहना है कि सचल वाहन में जो मशीनें हैं उसमें भी अभी कुछ दिक्कतें हैं. सचल वाहन में भी दिक्कतें हैं इसके लिए जो योजना बनाई गई है, उसको ठीक करने के लिए उच्चाधिकारियों को बोल दिया गया है. जल्दी ही इन्हें ठीक कराकर हम अन्य ग्रामों में भी सेवा दे सकेंगे.
क्या बोला अस्पताल प्रशासनमुख्य चिकित्साधिकारी डॉ एच.एस. ह्यांकी ने बताया कि नंबर एक वहां पर एच. आर की कमी की वजह से उसके संचालन के लिए हमारे पास डाईवर का पद अतिरिक्त नहीं है. उसके अलावा एक रेडियोलॉजी, पैथोलॉजी एक अलग से चाहिए. उसके लिए वो सारी सीटें उपलब्ध नहीं है. अगर वो हो जाती है तो हम उसका संचालन कर देगें. अब इन हालातों में जब सिस्टम ही बीमार है तो कैसे इन दुरस्थ क्षेत्रों में जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का मिलना संभव है.
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