पीलीभीत जिले में खकरा नदी के किनारे हो रही अवैध प्लाटिंग के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है. बरेली मंडलायुक्त से शिकायत मिलने के बाद नगर मजिस्ट्रेट और राजस्व टीम ने मौके पर पहुंचकर बुलडोजर चलवाया और अवैध निर्माणों को ध्वस्त कराया. साथ ही आधा दर्जन से अधिक कॉलोनाइजरों को नोटिस भी जारी किए गए हैं.

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मामला कोतवाली क्षेत्र के खकरा नदी किनारे स्थित केजीएन फेस-2 और सुनगढ़ी मुड़ई पनिया इलाके का है. आरोप है कि कुछ भूमाफिया और कॉलोनाइजर प्राचीन खकरा नदी के आसपास बड़े पैमाने पर अवैध प्लाटिंग कर रहे थे.

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नदी के किनारे बाउंड्री वॉल खड़ी कर जमीनों को प्लॉट के रूप में बेचे जाने की तैयारी चल रही थी. इससे नदी के प्राकृतिक स्वरूप और अस्तित्व पर भी खतरा पैदा हो गया था.

शिकायतकर्ता ने लगाए गंभीर आरोप

बरेली निवासी योगेश सुखानी ने मंडलायुक्त से शिकायत करते हुए आरोप लगाया कि उनकी नदी किनारे स्थित कृषि भूमि पर कब्जे की कोशिश की जा रही है.

उन्होंने कहा कि कुछ लोगों ने सिंडिकेट बनाकर खकरा नदी के आसपास की जमीनों पर अवैध कब्जा और प्लाटिंग का काम शुरू कर रखा है. शिकायतकर्ता का यह भी आरोप है कि विरोध करने पर उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई.

राजस्व टीम ने की पैमाइश, बुलडोजर से तोड़ा निर्माण

मंडलायुक्त के निर्देश पर नगर मजिस्ट्रेट राजस्व विभाग की टीम के साथ मौके पर पहुंचे. टीम ने पहले जमीन और नदी क्षेत्र की पैमाइश की. जांच में अनियमितताएं मिलने के बाद बुलडोजर की मदद से अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया गया. प्रशासन ने संबंधित कॉलोनाइजरों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है.

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प्रशासन का कहना है कि सरकारी जमीन, नदी और जल स्रोतों पर कब्जा किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी. इस कार्रवाई के बाद इलाके में हड़कंप का माहौल है.