Pilibhit News: पीलीभीत के दिल्ली पब्लिक स्कूल पर धोखाधड़ी का आरोप लगा है. बताया जा रहा है कि इस स्कूल की मान्यता सिर्फ आठवीं कक्षा तक ही थी बावजूद इसके यहां 9वीं क्लास में 28 बच्चों के एडमिशन ले लिए गए और 5 महीने पढ़ाने के बाद अभिभावकों से स्कूल की मान्यता ना होने की बात कह कर बच्चों के नाम काट दिए. जिसके बाद माता-पिता खुद को ठगा सा महसूस कर रहे हैं.  

दिल्ली पब्लिक स्कूल की ओर से अप्रैल 2024 में दावा किया गया था स्कूल दसवीं तक है. जिसके बाद कई अभिभावकों ने अपने बच्चों का नौवीं कक्षा में एडमिशन करवा दिया. उन्हें लगा इतने नामी स्कूल में एडमिशन कराने से उनके बच्चों को भविष्य संवर जाएगा. इस तरह कक्षा 9 में करीब 28 बच्चों का एडमिशन करा लिया गया. 

पाँच महीने बाद स्कूल ने काटा नामइस दौरान अगस्त 2024 तक दिल्ली पब्लिक स्कूल ने बच्चों की पढ़ाई करवाई गई. रोज़ाना आम दूसरे स्कूली बच्चों की तरह ये बच्चे यहां पढ़ाई करते रहे लेकिन बाद में अचानक सभी बच्चों के नाम काट दिए गए. जब माता पिता ने पूछा तो स्कूल प्रशासन ने उन्हें ये कहकर टरका दिया कि उनके स्कूल की मान्यता आगे तक नहीं है. ये सुनकर उनके पैरों के नीचे से ज़मीन निकल गई, बीच सेशन में अचानक बच्चों को लेकर वो कहां जाएं, कैसे उनका एडमिशन कराए ये सोचकर ही वो परेशान है. 

BJP पार्षद को आया गुस्सा, मेरठ नगर निगम में कर दिया अधिकारियों का श्राद्ध-तर्पण, जानिए वजह

अभिभावकों का कहना है कि स्कूल प्रशासन ने केवल ट्यूशन फीस देकर मां-बाप को रफ़ा-दफा कर दिया. अब बीच सेशन में बच्चों के मां-बाप बच्चों को लेकर दूसरे स्कूलों में भटक रहे हैं. कुछ बच्चों को बड़ी मुश्किल से दूसरे स्कूलों में दाखिला मिल गया है जबकि कुछ बच्चे अब भी मशक्कत कर रहे हैं. 

इधर अभिभावकों का कहना है कि स्कूल प्रशासन ने केवल ट्यूशन फीस दी है जबकि अन्य खर्च हुए जो नहीं दिए गए. कई अभिभावकों ने डीएम से डीपीएस से इस पूरे मामले की शिकायत की है. जिसके बाद इसकी जांच के लिए तीन सदसीय कमेटी का गठन किया गया है. जिला विद्यालय निरीक्षक अचल कुमार मिश्रा का कहना है की जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी.