उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में बीजेपी नगर मंत्री के खिलाफ पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज करने के मामला तूल पकड़ गया है. इसको लेकर नाराज बीजेपी नेताओं ने थाने में हंगामा शुरू कर दिया और धरने पर बैठे गए. हंगामे की सूचना पर पहुंचे एएसपी ने कार्यकर्ताओं को समझाबुझा कर शांत किया. कार्यकर्ताओं ने इस दौरान पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए.

बीजेपी नेताओं ने कहा कि जब पुलिस का रवैया सत्ताधारी दल के पदाधिकारियों के साथ इस तरह का है तो आम आदमी के साथ कैसा व्यवहार होगा. फिलहाल बीजेपी नेता पर एफआईआर और अपनी सरकार के खिलाफ धरने के बैठने की चर्चा जोरों पर है.

क्या है पूरा मामला ?

दरअसल एक मामले में बीजेपी नगर मंत्री के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो गयी. जिसके बाद बीजेपी कार्यकर्ताओं ने हंगामा शुरू कर दिया और इसे पुलिस की मनमानी बताया. बीजेपी नेताओं ने कहा कि जब नेताओं के साथ इस तरह का व्यवहार है तो आम जनता का क्या होगा ? नाराज कार्यकर्ताओं ने थाने में हंगामा शुरू कर दिया और थाने में ही धरने पर बैठ गए. इस दौरान पुलिस से नोकझोंक भी खूब हुई. नेता बोले "हम अपनी ही सरकार में अपमानित महसूस कर रहे हैं. अगर एक जिम्मेदार पदाधिकारी के साथ दरोगा इस तरह का व्यवहार करेगा, तो हम इसे कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे." 

पुलिस अधिकारियों ने कराया शांत

फिलहाल, जिले के आला अधिकारियों को इस मामले की सूचना दे दी गई है. पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मामले को शांत कराने और बीजेपी नेताओं को मनाने की कोशिश में जुटे हैं. इस घटना ने एक बार फिर यूपी में 'नौकरशाही बनाम जनप्रतिनिधि' की बहस को हवा दे दी है.

अपनी ही सरकार में पार्टी कार्यकर्ताओं का पुलिस थाने में हंगामा और धरना अब शहर में चर्चा अक विषय बन चुका है. इस मामले में बीजेपी के किसी वरिष्ठ नेता का बयान नहीं आया है अभी.