Panchkula Suicide Case : पंचकूला में जिन सात लोगों ने कार में आत्महत्या की थी वो पहले देहरादून के कौलागढ़ क्षेत्र में किराए पर रहते थे. सुबह जैसे ही मित्तल परिवार के साथ लोगों की मौत की खबर आई तो पूरे इलाके में सनसनी फ़ैल गयी. किसी को भी यकीन नहीं हो रहा कि उनके पड़ोस में रहने वाला हंसता खेलता परिवार इस तरह का कदम उठाएगा. इलाके में सुबह से ही पुलिस की गाड़ियां पूछताछ करने के लिए आ-जा रहीं हैं.
परिवार देहरादून से धीरेन्द्र शास्त्री की कथा में शामिल होने पंचकूला गया था और वहां से लौटते समय सामूहिक आत्महत्या कर ली.
पड़ोसियों में सदमा-नहीं थी कर्ज की भनक
देहरादून कौलागढ़ के स्थानीय निवासियों के लिए यह घटना किसी झटके से कम नहीं है. पड़ोसियों का कहना है कि उन्हें मित्तल परिवार की आर्थिक तंगी या कर्ज के बारे में कोई जानकारी नहीं थी, पड़ोसी अजय कुमार अग्रवाल ने बताया कि यकीन नहीं हो रहा कि ऐसा हो सकता है. यह बेहद दुखद घटना है. एक हंसता खेलता परिवार ऐसे चला जाएगा.मैंने अग्रवाल सभा को भी इस बारे में सूचित कर दिया है. वहीं एक और पड़ोसी राजकुमारी नौटियाल ने कहा कि हमें उन लोगों को शायद पैसे की दिक्कत थी, क्योंकि उन्होंने मकान खाली कर दिया था. जब उनकी पत्नी से पूछा तो बोले किराया बढ़ा दिया. लेकिन इतना बड़ा कदम उठाएंगे, यह सोच भी नहीं सकते. बहुत ही बुरी खबर है.
कर्ज में डूबा था परिवार
वहीँ कार में पुलिस को मिले सुसाइड नोट के मुताबिक अनुसार, मित्तल परिवार भारी कर्ज के बोझ तले दबा हुआ था. जिसमें प्रवीण मित्तल ने लिखा कि मैं बैंक से दिवालिया हो चुका हूं. मेरी वजह से ही ये सब हुआ है. मेरे ससुर को कुछ मत कहना. बताया जा रहा है कि परिवार पर 15-20 करोड़ रुपये का कर्ज था, जिसके कारण उन्हें लगातार धमकियां मिल रही थीं. सोमवार रात पंचकूला के सेक्टर-27 में मकान नंबर 1204 के बाहर खड़ी एक देहरादून नंबर की कार में यह दिल दहलाने वाली घटना हुई थी.
पुलिस जांच जारी
पंचकूला पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. साथ ही देहरादून पुलिस भी परिवार के अन्य रिश्तेदारों से संपर्क कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर परिवार ने इतना बड़ा कदम क्यों उठाया.
