यूजीसी के नए नियमों के खिलाफ दायर याचिकाओं पर आज गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी हैं. जिस पर यूपी सरकार में मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के मुखिया ओम प्रकाश राजभर का बयान सामने आया है. उन्होंने यूजीसी पर सुनवाई को लेकर कहा कि कोर्ट दोनों पक्षों के सुनने के बाद जो भी फैसला देगा उसे दोनों पक्ष मानेंगे. 

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ओम प्रकाश राजभर ने यूजीसी के खिलाफ दायर याचिकाओं पर आज होने वाली सुनवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि "ये अदालत के ऊपर हैं, कोर्ट जो भी फैसला देगा उसे सब मानेंगे. कोर्ट इसलिए ही बनी हैं कि दोनों पक्षों को सुनकर जो फैसला आएगा, उसको दोनों पक्ष मानेंगे. सरकार भी कोर्ट के सामने अपना पक्ष रखेगी, दोनों ओर से अपनी बात कही जाएगी." 

यूजीसी के नए नियमों पर आज SC में सुनवाई

दरअसल यूजीसी ने 13 जनवरी को उच्च शिक्षण संस्थानों में सामाजिक आधार पर होने वाले भेदभाव को रोकने के लिए इक्विटी कमेटी बनाने के गठन पर ज़ोर दिया था जो छात्रों की शिकायतों का निपटारा कर सक. इसका मकसद कॉलेज और उच्च शिक्षण संस्थानों में धर्म, जाति, जेंडर के आधार पर होने वाले भेदभाव को खत्म करना था. 

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सवर्ण समाज ने नए नियमों पर जताई आपत्ति

यूजीसी के नए नियमों को लेकर सवर्ण वर्ग में तीखा विरोध देखने को मिला था. जिसके बाद 29 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले पर सुनवाई करते हुए रोक लगा दी थी. कोर्ट ने सरकार ओर यूजीसी ने कोर्ट में दाखिल याचिकाओं पर 19 मार्च तक अपना जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए थे. सुनवाई के दौरान सीजेआई ने इन्हें खतरनाक बताते हुए विभाजनकारी बताया.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यूजीसी के नए नियम, प्रथम दृष्टया अस्पष्ट हैं और इसके परिवार बेहद व्यापक हो सकते हैं. कोर्ट ने इन्हें लेकर एक एक्सपर्ट कमेटी का गठन करने की सलाह दी जिसमें दो-तीन ऐसे प्रतिष्ठित प्रतिनिधियों को शामिल किया जा सके जो सामाजिक मूल्यों और समाज की समस्याओं को समझते हो और समाज का विकास कैसे होना चाहिए इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए.