'भैया से हाथ मिलाने का 10 हजार रेट', ओम प्रकाश राजभर ने बताया अखिलेश यादव से मुलाकात का दाम
UP Politics: उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए उन पर अपने ही कार्यकर्ताओं से वसूली करने का आरोप लगाया है.

उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने एक बार फिर से समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि अखिलेश यादव से हाथ मिलाने और फोटो खिंचाने के लिए भी कार्यकर्ताओं से 5-10 हजार रुपये तक लिए जाते हैं. राजभर ने तंज कसते हुए कहा कि अपने कार्यकर्ताओं से ख़ुद वसूली करवा रहे हैं.
सुभासपा चीफ ओम प्रकाश राजभर ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर पोस्ट कर लिखा- "मित्र अखिलेश जी, आपके कुछ कार्यकर्ता अपने किसी काम से हमारे पास आए. जाति से आपके वाले ही हैं. आपसे बहुत प्रभावित भी हैं. कहते हैं बस भैया की सरकार आ जाये तो ‘आ हा हा, मौज आ जाएगी’. बस उन्होंने हमसे आपकी एक शिकायत की. ये शिकायत वो आपके यहां कर नहीं सकते तो बात बात में मुझसे बताने लगे, मैंने सोचा आप मित्र हैं तो आपको बता देनी चाहिए. आपके यादव कार्यकर्ता मुझसे कहने लगे कि “भैया” से मिलने जाने पर उनके “घेरे” के लोग हमसे वसूली करते हैं. कहते हैं कि भैया से फोटो खिंचवाने का ₹5000, हाथ मिलवाने का ₹8000-₹10,000 तक और मिलवाने का तो हिसाब किताब ही नहीं है."
यादव कार्यकर्ता का ये हाल है तो बाकियों का कितना रेट लग रहा?
कैबिनेट मंत्री राजभर ने एक्स पर लिखा- "अब मुझे समझ नहीं आया कि धरतीपुत्र के पुत्र यानी आपको ऐसी क्या ज़रूरत पड़ गई कि अपने धरती पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं से वसूली कर रहे हैं. वो भी आपकी अपनी बिरादरी वालीं से. अगर यादव कार्यकर्ता का ये हाल है तो बाकियों का कितना रेट लग रहा आपके यहां? सुना है आपकी संपत्ति में 900 गुना बढ़ोतरी हुई. फिर ये ‘एक्स्ट्रा इनकम’ का जुगाड़ क्यों? कार्यकर्ताओं के खून पसीने की कमाई को क्यों चूस रहे हैं आप? अगर आप खुद ये वसूली करवा रहे तो क्या ही कहें लेकिन अगर आपके घेरे वाले ये कर रहे हैं तो कुछ कीजिए महाराज. हार तो आप वैसे ही रहे हैं, ये सब बंटाधार करा देंगे."
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राजभर ने आगे लिखा- "आप सोच रहे होंगे कि कार्यकर्ता आपके, वसूली आपकी, घेरा आपका तो उसमें हम क्यों बीच में आ गए. दो वजह से हमें आना पड़ा. एक तो आप हमें भले दुश्मन समझें लेकिन हम आपको अपना मित्र मानते हैं. दूसरा आपके प्रशंसक, आपके कार्यकर्ता अपना दर्द मुझसे कहते हुए बोले कि मंत्री जी, आप इसको कह दीजिए तो शायद हमारा भला हो जाये. उन्होंने कहा कि मंत्री जी, आप बोलेंगे तो अखिलेश भइया जरूर सुनेंगे और समझेंगे. कार्यकर्ता बेचारे ग़रीब थे तो सोचा आप तक बात पहुंचा दूं."
मित्र के रूप में आपको समझा रहा हूं- ओपी राजभर
सुभासपा प्रमुख ओपी राजभर ने कहा-"मित्र के रूप में आपको समझा रहा हूं. अपनी मीटिंग का सौदा बंद करवाइए मित्र, वरना बहुत महंगा पड़ सकता है. गेट पर रेट का काउंटर बंद कीजिए. 20 रुपये चंदा मांग कर कार्यकर्ता को मूर्ख मत बनाइए. बाकी ये सिस्टम चालू रखना या बंद कराना आपका काम है. बंद करा देंगे तो अगले साल हमें अच्छा विपक्ष मिलेगा. यही चलता रहा तो हो सकता है अगले साल नेता प्रतिपक्ष बनाने भर की सीट ना आए. जनता तो हराएगी ही, खुद यही प्रताड़ित शोषित कार्यकर्ता ही आपको हरा देंगे."
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