केंद्रीय मंत्री और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया के प्रमुख रामदास अठावले ने आरक्षण का विरोध करने वाले और इसे खत्म करने की मांग करने वालों पर देशद्रोह का केस दर्ज करने की मांग की है, जिस पर योगी सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर की प्रतिक्रिया सामने आई हैं. उन्होंने कहा कि जो लोग मुख्य धारा में आ गए हैं उनकों इससे अलग किया जाना चाहिए. 

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कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने रामदास अठावले के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि रामदास अठावले को जरा सुप्रीम कोर्ट के फैसले को भी पढ़ लें, सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि संविधान में चार वर्ग हैं और चारों को कोटा मिलता है और आरक्षण का लाभ वहीं लोग ले रहे हैं जो मजबूत हैं. 

बाबा साहब ने जो आरक्षण दिया है वो कमजोरो को ऊपर उठाने के लिए, विकास की मुख्य धारा में लाने के लिए लेकिन, आज की तारीख में जो डीएम, एसपी, डीआईजी, आईजी मुख्यमंत्री, राष्ट्रपति आज उनके बेटे आरक्षण का लाभ उठा रहे हैं. आज इस पर फोकस करना चाहिए कि जो आरक्षण का लाभ उठाकर मुख्य धारा में आ चुके हैं उनको तो अलग करें. 

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आरक्षण को लेकर प्रदेश में सियासत गर्म

बता दें कि दिल्ली के जंतर मंतर पर आरक्षण सुधार को लेकर हुए आंदोलन के बाद से आरक्षण को लेकर सियासत गर्माई हुई हैं. समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस आंदोलन पर नाराजगी जताते हुए इसे आरक्षण खत्म करने की साजिश बताया था. 

सपा मुखिया ने कहा कि आरक्षण सुधार के नाम पर आरक्षण समाप्ति की षडयंत्र पीडीए समाज के खिलाफ एक और साजिश है. आरक्षण पीडीए का अधिकार है किसी की इच्छा का विषय नहीं है. उन्होंने बीजेपी को आड़े हाथों लेते हुए कहा आरक्षण था, आरक्षण है और आरक्षण रहेगा. वहीं यूपी के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक आंदोलनकारियों के साथ खड़े दिखाई दिए, उन्होंने कहा कि वो युवाओं के साथ हैं.