मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव पर जमीन से जुड़े आरोपों पर सियासत गर्म हो गई हैं. सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने जहां इस पूरे घटनाक्रम को भारतीय जनता पार्टी की साजिश बताया तो वहीं अब इस पूरे विवाद पर कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने पलटवार किया है. राजभर ने कहा कि अखिलेश यादव अपने लोगों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं क्योंकि, सैफई परिवार के भी कई लोगों के नाम ऐसी गतिविधियों में शामिल हैं. 

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ओम प्रकाश राजभर ने साधा निशाना

सुभासपा अध्यक्ष ओपी राजभर ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर पोस्ट कर अखिलेश यादव और सैफई परिवार पर कई गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा- "अखिलेश यादव जी, माननीय मुख्यमंत्री श्री मोहन यादव जी के संबंध में इतना हल्ला क्यों कर रहे हो? इतना शोर करके छुपाना क्या चाहते हो आप? ऐसा क्यों चाहते हैं कि दुनिया वही देखे जो आप दिखाएं? अब बताता हूं, आपकी पीड़ा क्या है? आप क्यों घबरा गए! कैसे आपके निवेश पर चोट पहुंच गई और क्यों आप बौखला गए? तो पढ़िए!"

कैबिनेट मंत्री ने कहा-"अखिलेश जी! एमपी कैडर के आईएएस भरत यादव जो राज्य सड़क विकास निगम के चेयरमैन हैं, उनसे आपने अपना रिश्ता छिपा लिया. अखिलेश जी भरत यादव आपके 'कुबेर' चंद्रपाल यादव के दामाद हैं. चंद्रपाल यादव सपा के कद्दावर नेता और पार्टी कोषाध्यक्ष रहे हैं. उम्मीद है कि आपको याद आ गया होगा."

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सुभासपा प्रमुख ने कहा-"अखिलेश यादव जी, माननीय मुख्यमंत्री श्री मोहन यादव जी के नाम पर हुए एक फर्जी खुलासे से आप डर गए? मध्य प्रदेश में हाईवे का रास्ता कहां से जाएगा- यह भरत यादव तय करते हैं या उन्हें इस बात की जानकारी होती है. जो आपके हैं, अपने हैं, खास हैं, इस मामले में अखिलेश जी आपकी तिलमिलाहट बता रही है कि भरत यादव ने आपसे और अपने लोगों से वहां की जमीनों में भारी निवेश करवाया है. और जमीन 'खाने' के मामले में सैफई परिवार बहुत अनुभवी है. इसे पूरा उत्तर प्रदेश जानता है."

सुभासपा नेता ने आग लिखा-"लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे में सैफई परिवार ने यही किया था. फिरोजाबाद से इटावा तक जमीनें खरीदी गईं और लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे के रूट को मनमाने तरीके से मोड़ा गया. निजी फायदे के लिए सैफई तक अनावश्यक रूप से रूट का मार्ग घुमाकर एक्सप्रेसवे की दूरी 30 किमी और ज्यादा बढ़ा दी गई. औने-पौने दाम में जमीनों को खरीदकर भारी भरकम मुआवजा वसूला गया. सपाई लोडरों! गोमती रिवर फ्रंट की रिपोर्ट जारी करने के बाद अखिलेश को डर बैठ गया है कि कहीं मध्य प्रदेश एक्सप्रेसवे रिपोर्ट जारी न हो जाए, जिससे उनका निवेश डूब जाए, जांच एजेंसियों को पता लगाना चाहिए कि मध्य प्रदेश में उत्तर प्रदेश के कौन-कौन से सफेदपोश निवेशक शामिल हैं."

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अखिलेश यादव ने बताया बीजेपी की साज़िश

बता दें कि मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव और उनके परिवार पर ज़मीन ख़रीद को लेकर आरोप लगे हैं. जिसे लेकर सियासत गर्माई हुई हैं. वहीं सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इसे मोहन यादव के ख़िलाफ बीजपी की साज़िश बताया और कहा कि ये आरोप इसलिए लग रहे हैं क्योंकि बीजेपी अपने तीन मुख्यमंत्री को हटाना चाहती है. इनमें सीएम योगी को भी हटाना है. 

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