लखनऊ, आईएएनएस। लॉकडाउन के दौरान दुकानदारों द्वारा कालाबाजारी और मुनाफाखोरी की कई शिकायतें आ रही हैं। ऐसे में योगी सरकार कालाबाजारी रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की तैयारी में है। राज्य सरकार ने कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त निर्देश देते हुए कहा कि आवश्यकता पड़े तो इनके खिलाफ एनएसए के तहत कार्रवाई भी की जाए। अपर मुख्य सचिव, गृह एवं सूचना अवनीश कुमार अवस्थी ने यहां लोकभवन में कोरोना वायरस के नियंत्रण के सिलसिले एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसकी जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ मुख्यमंत्री ने सख्त कार्यवाही के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि अगर आवश्यकता पड़े तो कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ एनएसए के तहत कार्यवाही की जाए। अवस्थी ने बताया, "प्रदेश में 42 कोरोना मरीजों में से 11 लोग ठीक हो गए हैं, जिन्हें डिस्चार्ज किया जा चुका है। प्रदेश में 8 टेस्टिंग लैब में काम शुरू हो गया है। एक लाख से अधिक फूड पैकेट तैयार किए गए हैं। प्रदेश में 8000 गाड़ियों से 7 लाख लीटर दूध का वितरण किया गया है। इसमें आधा लीटर और एक लीटर के करीब 11 लाख पैकेट दूध का वितरण शामिल है। इसे बढ़ाया जा रहा है। अब 20,000 गाड़ियों से 15 लाख लीटर दूध का घर-घर वितरण सुनिश्चित किया जाएगा।"
उन्होंने आगे बताया कि अन्य प्रदेशों से जो मजदूर और कर्मचारी लोग चलकर आ रहे हैं, उनके लिए संबंधित जिले में रहने और भोजन की व्यवस्था की जा रही है। सीमा वाले जिलों के डीएम और पुलिस अधिकारियों को मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि लोगों के रुकने, रहने और खाने का समुचित प्रबंध करें।"
अपर मुख्य सचिव ने कहा कि आवश्यक वस्तुओं को घर-घर तक पहुंचाने के लिए प्रदेश में 18,570 मोबाइल वैन और हाथगाड़ी व ठेला मुहैया करवाया गया है। इसमें 6902 मोबाइल वैन और 11668 ठेला व हाथगाड़ी शामिल है। अकेले लखनऊ में 3190 मोबाइल वैन तैनात किए गए हैं। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 के माध्यम से 400 वालंटियरों ने 30,125 ग्राम प्रधानों से फोन पर संपर्क किया है।
