वाराणसी में करीब 2 महीने से गंगा तटवर्ती क्षेत्र के लोगों का आम जनजीवन प्रभावित है. बाढ़ जैसे हालात ने उनके जीवन की रफ्तार को रोक सा दिया है, और हालात सामान्य होने के बजाय दिन प्रतिदिन बिगड़ते जा रहे हैं. अब एक बार फिर गंगा के जलस्तर में वृद्धि देखी जा रही है जिसके बाद गंगा तटवर्ती क्षेत्र में बाढ़ जैसे हालात है. 3 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हो रही वृद्धि के बाद गंगा का जलस्तर पुनः 70 मीटर के करीब पहुंच चुका है.
बीते 2 महीने में पांचवीं बार गंगा के जलस्तर में वृद्धि
एबीपी न्यूज़ को मिली जानकारी के अनुसार - बीते 2 महीने में गंगा के जलस्तर में पांचवीं बार वृद्धि देखी जा रही है. वर्तमान समय में 3 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गंगा का जलस्तर बढ़ रहा है और एक बार फिर जलस्तर 70 मीटर के करीब पहुंच चुका है. नाविकों की माने तो करीब 55 दिनों से वाराणसी के गंगा घाट पर नौका संचालन बंद है जिसकी वजह से अब एक-एक दिन का खर्च निर्वहन करना काफी मुश्किल हो चुका है. वही गंगा घाट पर होने वाली आरती में जहां सामान्य दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या 50,000 होती थी वहीं अब निर्धारित संख्या में छत पर आरती संपन्न कराई जा रही है जिसमें 50 से 100 की संख्या में लोग बैठते हैं.
अभी भी छत पर हो रहे शवदाह
एक बार स्थिति सामान्य होने के बाद फिर गंगा के जलस्तर में वृद्धि देखी जाती है और यह इस सीजन में पांच बार हो चुका है. घाटों का दैनिक कामकाज पूरी तरह प्रभावित है. अभी भी मणिकर्णिका घाट पर होने वाला शवदाह घाट के समीप होने की बजाय छत पर हो रहा है. सितंबर का महीना वाराणसी के गंगा तटवर्ती क्षेत्र के लोगों के लिए पर्यटन दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. लोगों की उम्मीद बढ़ जाती है कि इस समय में भारी संख्या में पर्यटक आएंगे जिससे उनके व्यवसाय में वृद्धि होगी, लेकिन फिलहाल इस बार उन्हें अनेक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है. अब देखना होगा की गंगा तटवर्ती क्षेत्र की स्थिति कब तक सामान्य होती है.