नोएडा में श्रमिकों के हिंसक प्रदर्शन मामले में पुलिस ने अब तक 66 लोगों को गिरफ़्तार किया है. पुलिस के मुताबिक इनमें से 45 किसी कंपनी के मजदूर नहीं है. बावजूद इसके ये लोग प्रदर्शनों में शामिल रहे और इस दौरान हिंसा व आगजनी भड़काने में इन बाहरी तत्वों ने भूमिका निभाई. 

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बुधवार को यूपी सरकार द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि इन बाहरी लोगों ने मजदूर आंदोलन की आड़ में अराजकता फैलाने की सुनियोजित साजिश फैलाने की कोशिश की लेकिन पुलिस प्रशासन की त्वरित कार्रवाई ने इसे नाकाम कर दिया और कुछ ही घंटों में स्थिति पर काबू पा लिया गया. इसके बाद औद्योगिक गतिविधियां सामान्य हो गईं.

नोएडा में हिंसा भड़काने में बाहरी लोगों का हाथ

नोएडा में सोमवार को वेतन वृद्धि की मांग को लेकर मजदूरों का विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया था. इस दौरान नोएडा के औद्योगिक क्षेत्रों में पुलिस की एसयूवी समेत कई वाहनों में आगजनी की गई, सार्वजनिक संपत्ति में तोड़फोड़ की गई और पत्थरबाजी की घटनाएं सामने आईं थी. सरकार ने बताया है कि अब तक की जाँच में आगजनी के मामलों में पहचाने गए 17 लोगों में से 11 को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें आठ मजदूर नहीं हैं. 

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लोगों को भड़काने के मामले में पहचाने गए 32 लोगों में से अब तक 19 को गिरफ्तार किया गया है. इसके अलावा 34 ऐसे लोगों को भी पकड़ा गया है जो मजदूर नहीं थे और उन पर प्रदर्शन में शामिल होकर माहौल बिगाड़ने का आरोप है. प्रशासन का कहना है कि चार लोगों को साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. इनके संगठित नेटवर्क से जुड़े होने के संकेत मिले हैं, जिनकी जांच की जा रही है.

आर्थिक तंत्र का बाधित करने की थी साजिश

प्रशासन के मुताबिक ये घटना केवल श्रमिक असंतोष तक सीमित नहीं थी, बल्कि नोएडा के आर्थिक तंत्र को बाधित करने की एक बड़ी कोशिश का हिस्सा थी, जिसमें कुछ राजनीतिक तत्वों और संगठित समूहों की संलिप्तता रही. सरकार के अनुसार, विभिन्न राज्यों की कुछ महिलाएं भी विरोध प्रदर्शन में सक्रिय रूप से शामिल पाई गईं और हिंसक गतिविधियों में लगे लोगों की मदद कर रही थीं.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रशासन ने हालात काबू में करने के लिए तत्काल कदम उठाए. जिसमें वेतन वृद्धि की घोषणा के बाद मजदूरों और फैक्टरी मालिकों, दोनों ने सहयोग किया. जिससे नोएडा में औद्योगिक गतिविधियां जल्द ही पटरी पर लौट आईं. सरकार ने कहा, कारखानों में सामान्य रूप से कामकाज जारी है और श्रमिक तथा उद्योग जगत के हितधारक सहयोग कर रहे हैं.

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