उत्तर प्रदेश के नोएडा में श्रमिकों के उग्र आंदोलन पर पुलिस ने सख्त एक्शन लिया है. इस हिंसा और उप्रद्रव में अब तक 60 लोगों को गिरफ्तार करने की सूचना है, जबकि मुकदमा भी दर्ज हुआ है. पुलिस कमिशनर नोएडा लक्ष्मी सिंह ने कहा, "आज नोएडा में लगभग 42,000 कार्यकर्ता अपनी मांगों और मुद्दों के समर्थन में लगभग 83 स्थानों पर विरोध प्रदर्शन करने के लिए सड़कों पर उतरे. केवल दो स्थानों पर हिंसक प्रदर्शन हुए, जिसके कारण न्यूनतम बल का प्रयोग किया गया और मामले दर्ज किए जा रहे हैं.

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शेष 78 स्थानों पर स्थिति को बातचीत और समझाने-बुझाने के माध्यम से शांतिपूर्ण ढंग से संभाला गया.बातचीत के बाद प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर कर दिया गया और वे अपने-अपने स्थानों पर लौट गए."

क्या है श्रमिकों की मांग ?

यहां बता दें कि नोएडा की कई फैक्ट्रियों के मजदूर पिछले कई दिनों से वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं. लेकिन सोमवार सुबह प्रदर्शन हिंसक हो गया. फेज-21 होजरी काम्प्लेक्स, सेक्टर-62, सेक्टर-60 और सेक्टर-58 में स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गयी. कई जगह आगजनी-तोड़फोड़ भी हुई. गुस्साई भीड़ ने पुलिस की गाड़ियां भी पलट दीं. श्रमिकों ने हरियाणा की तर्ज पर न्यूनतम वेतन की मांग की है. वहां एक अप्रैल से 35 फीसदी वेतन बढ़ोत्तरी हुई है.

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सरकार के अधिकारी देर शाम नोएडा पहुंचे

श्रमिकों का आंदोलन उग्र होते देख सरकार ने स्थिति संभालने के लिए सीनियर अफसरों का दल भी भेजा. श्रमिक संगठनों से वार्ता कर निर्णय लिया गया कि मजदूरों को अगर ओवर टाइम कराया जाएगा तो दोगुना पैसा देना होगा. इसके अलावा छुट्टी वाले दिन भी काम कराने पर दोगुना पैसा देंगा होगा. सप्ताह में एक अवकाश जरुर मिलेगा. न्यूनतम वेतन पर भी सहमति बनती दिख रही है. इसके अलावा फैक्ट्रियों में महिला सुरक्षा को लेकर भी कमेटी गठित की गयी है.

फ़िलहाल इस समय हालात नियंत्रण में हैं, मजदूर संगठनों का आह्वान है कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो आगे आंदोलन बढ़ेगा.