नोएडा में बीते दिनों सैलरी बढ़ोत्तरी की मांग को लेकर हुए हिंसक प्रदर्शन के बाद अब हालात एक बार फिर सामान्य हो गए हैं, सरकार और प्रशासन की अपील रंग लाई है. सरकार और प्रशासन की अपील के बाद कामगार श्रमिक एक बार अपने काम पर लौट आए हैं. एबीपी की टीम उसी मदरसन कंपनी के बाहर पहुंची, जहां श्रमिकों का हिंसक प्रदर्शन शुरू हुआ था.
जब एबीपी न्यूज की टीम उस जगह पर पहुंची, जहां सोमवार (13 अप्रैल 2026) को वेतन वृद्धि की मांग को लेकर श्रमिकों ने हिंसक प्रदर्शन किया. जब एबीपी की टीम ग्राउंड जीरो पर पहुंची तो आज तस्वीर बदली बदली सी नजर आई, पुलिस की मुस्तैदी के बीच मजदूर काम पर जाते दिखे. तस्वीरे ऐसी थी की मानो यहां कुछ हुआ ही न हो.
प्रोटेस्ट न होता तो शायद न बढ़ती सैलरी-श्रमिक
एबीपी न्यूज से बातचीत के दौरान श्रमिकों के चेहरे पर खुशी नजर आई. श्रमिकों का कहना था सैलरी बढ़ तो गई है बस मिल जाए. उन्होंने सरकार और प्रशासन से भी अपील की कि जो वादा हमसे किया गया है वो पूरा किया जाए. वहीं श्रमिकों ने हिंसा की निंदा भी है, श्रमिकों ने कहा आगजनी तोड़फोड़ गलत है लेकिन ये प्रोटेस्ट न होता तो शायद सैलरी न बढ़ती.
कंपनी के बाहर नोटिस चस्पा कर बढ़ी हुई सैलरी की दी जानकारी
नोएडा के फेस टू में जिन कंपनियों में वेतन वृद्धि को लेकर तोड़फोड़ की गई थी उन कंपनियों के बाहर आज भारी तादात में पुलिस फोर्स तैनात की गई हैं. साथ ही सभी कंपनियों के बाहर नोटिस चस्पा की गई है, जिसमे सरकार का ऑर्डर बढ़ी हुई सैलरी की डिटेल के साथ कंपनी की तरफ से श्रमिकों के लिए की गई अपील शामिल है. ताकि जब श्रमिक काम पर आए तो उनके हित में क्या फैसला सरकार ने लिया है और कंपनी ने क्या फैसला लिया है उन्हें पता चल सके.
हालांकि, पुलिस के सीनियर अधिकारी पेट्रोलिंग कर हर स्थिति पर नजर बनाए हुए है. श्रमिकों की सैलरी तीन चरणों में बाटी गई है. उसकी डिटेल भी चस्पा है. जानकारी यह भी है कि नोएडा हिंसा में अब तक कुल 7 एफआईआर हुई है, साथ ही 300 से अधिक लोगों को गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है.
