नोएडा में वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर फैक्ट्री मजदूरों द्वारा किया जा रहा प्रदर्शन हिंसक रूप ले चुका है. वहीं इस बीच अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद मामले को लेकर हाई पावर कमेटी का गठन किया गया है.
दरअसल, नोएडा में औद्योगिक असामंजस्य दूर करने के लिए ये कमेटी बनाई गई है जो श्रमिकों के हित में स्टेक होल्डर्स से बात करेगी. औद्योगिक विकास आयुक्त को इसका अध्यक्ष बनाया गया है. कमेटी में एसीएस सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, प्रमुख सचिव श्रम एवं सेवायोजन सदस्य होंगे. कमेटी में श्रमिक संगठन के 5 व उद्यमी संघ के 3 प्रतिनिधि शामिल हैं.
वहीं ये हाई पावर्ड कमेटी सभी हितधारकों से सामंजस्य बनाने और वार्ता करने के लिए नोएडा पहुंच गई है. सरकार की तरफ से ये आश्वासन दिया गया है कि जल्द ही इसका समाधान निकाल लिया जाएगा. साथ ही स्वार्थ परक और राजनैतिक विद्वेष माहौल खराब करने की गहन जांच की जाएगी. योगी सरकार की तरफ से ये भी साफ कर दिया गया है कि उत्तर प्रदेश में अराजकता नहीं होने दी जाएगी.
नोएडा के फेज-2 में फूंकी गाड़ियां
बता दें कि नोएडा में प्रदेश के दौरान सोमवार को जमकर हिंसा हुई और नोएडा के फेज-2 और सेक्टर-60 इलाकों में वाहनों में आग लगा दी गई, संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया और पथराव की घटनाएं सामने आईं. प्रदर्शन के कारण यातायात ठप हो गया, जिससे सुबह के व्यस्त समय में दिल्ली जाने वाली विभिन्न सड़कों पर हजारों यात्री फंस गए. दिल्ली-नोएडा बॉर्डर पर कई किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतारें देखी गईं.
नेशनल हाईवे भी किया जाए
अधिकारियों के अनुसार, विभिन्न औद्योगिक इकाइयों के कर्मचारी बड़ी संख्या में सुबह एकत्र हुए और उन्होंने वेतन संशोधन की अपनी काफी समय से लंबित मांग को लेकर नारेबाजी और प्रदर्शन किया. सेक्टर-62 और सेक्टर-84 में भी मजदूरों ने सुबह से ही प्रदर्शन शुरू कर दिया. प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रीय राजमार्ग-9 को भी जाम कर दिया.
देखते ही देखते हिंसक हो गया प्रदर्शन
देखते ही देखते प्रदर्शन जल्द ही हिंसक हो गया. कुछ प्रदर्शनकारियों ने संपत्ति में तोड़फोड़ की, पथराव किया और वाहनों में आग लगा दी. अधिकारियों ने बताया कि गौतम बुद्ध नगर आयुक्तालय के अंतर्गत औद्योगिक क्षेत्रों में पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की गई है.
