भगवान से मन्नत मांगना आस्था है, लेकिन मन्नत पूरी न होने पर पूजा कराने वाले पंडित जी को ही बंधक बना लेना? जी हां, अंधविश्वास और दुस्साहस का एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है जिसे सुनकर कोई भी हैरान रह जाए. उत्तर प्रदेश के नोएडा और जौनपुर के बीच बुनी गई इस हैरान करने वाली साजिश में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.

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नोएडा के रहने वाले पुरोहित अनिल तिवारी से यह पूरा मामला जुड़ा है. आरोप है कि कुछ समय पहले जौनपुर के रहने वाले आशीष और प्रवेश नामक व्यक्तियों ने उनसे धार्मिक अनुष्ठान करवाया था. मकसद था कोई खास मनोकामना पूरी होना, लेकिन जब वक्त बीतने के बाद भी मुराद पूरी नहीं हुई, तो आरोपियों ने भगवान से शिकायत करने के बजाय पुरोहित को ही निशाने पर ले लिया.

पूजा के बहाने झांसा देकर पुरोहित को जौनपुर बुलाया

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पुरोहित को एक और पूजा के बहाने झांसा देकर जौनपुर बुलाया गया. पुरोहित जब वहां पहुंचे, तो उन्हें एक कमरे में बंधक बना लिया गया. आरोपियों का अजीबोगरीब तर्क था, पूजा में जो पैसा खर्च हुआ वो वापस चाहिए. इसके बाद पुरोहित को छोड़ने की एवज में परिजनों से 1 लाख रुपये की फिरौती मांगी गई और जान से मारने की धमकी दी गई.

पुलिस ने जाल बिछाकर आरोपी किए गिरफ्तार

वहीं पीड़ित परिवार ने जब नोएडा के सेक्टर-113 थाने में शिकायत दर्ज कराई, तो यह मामला सोशल मीडिया पर भी छा गया. लोगों ने इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया दी. पुलिस ने जाल बिछाया और जब आरोपी फिरौती की रकम लेने पहुंचे तो पुलिस ने सर्फाबाद के पास से दोनों को धर दबोचा और मामले का भंडाफोड़ किया. यह मामला केवल एक अपहरण या रंगदारी का नहीं है. यह सवाल खड़ा करता है कि समाज में आस्था और अंधविश्वास की सीमाएं कहां जाकर खत्म होती हैं.