उत्तर प्रदेश का 'शो-विंडो' कहा जाने वाला गौतम बुद्ध नगर एक बार फिर प्रदेश के खजाने को भरने में अव्वल साबित हुआ है. सूरजपुर स्थित कलेक्ट्रेट सभागार में आबकारी नीति 2026-27 के तहत हुई दूसरे चरण की ई-लॉटरी ने एक नया इतिहास रच दिया है. पूरे प्रदेश में सबसे ज्यादा आवेदन नोएडा-ग्रेटर नोएडा में प्राप्त हुए हैं, जो विभाग की सुव्यवस्थित कार्यप्रणाली पर मुहर लगाते हैं.

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कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय चयन समिति की मौजूदगी में 30 दुकानों का आवंटन ई-लॉटरी के माध्यम से किया गया. कलेक्ट्रेट परिसर में लगी बड़ी एलईडी स्क्रीन्स पर इस पूरी प्रक्रिया का लाइव प्रसारण हुआ, ताकि हर आवेदक अपनी आंखों से निष्पक्ष चयन देख सके.

जिले के 485 दुकानों का नवीनीकरण

जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार ने बताया कि विभाग ने वर्ष 2026-27 के लिए कमर कस ली है. जिले की कुल 501 दुकानों में से 485 का नवीनीकरण (Renewal) पहले ही हो चुका है. शेष और नवसृजित दुकानों के इस सफल आवंटन से जिले को 30 से 40 करोड़ रुपये के अतिरिक्त राजस्व की उम्मीद है.

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शराब माफियाओं की टूटेगी कमर

जिला आबकारी अधिकारी ने बताया कि विभाग का उद्देश्य सिर्फ राजस्व कमाना नहीं, बल्कि सुरक्षा भी है. नई दुकानें उन क्षेत्रों में खोली गई हैं जिन्हें अब तक 'असिंचित' माना जाता था. इससे न केवल लोगों को गुणवत्तापूर्ण मदिरा मिलेगी, बल्कि अवैध और कच्ची शराब की तस्करी करने वाले शराब माफियाओं की कमर भी टूटेगी.

नोएडा टॉप 5 जिलों में मजबूत करेगा स्थिति

गौतम बुद्ध नगर प्रशासन की इस सक्रियता ने यह साफ कर दिया है कि नई आबकारी नीति के तहत राजस्व अर्जन के मामले में नोएडा आने वाले समय में राज्य के टॉप-5 जिलों में अपनी स्थिति और मजबूत करेगा. शराब माफियाओं के नेटवर्क को तोड़ने और सरकारी खजाने को भरने की यह मुहिम फिलहाल रंग लाती दिख रही है.