नोएडा में छात्र हर्षित की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने नया मोड़ ले लिया है. मृतक की मां दीपमाला ने बेटे की मौत को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं और मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की है. उन्होंने दावा किया है कि उनके बेटे के शरीर पर चोट के कई निशान थे, जिससे उन्हें आशंका है कि यह महज हादसा नहीं बल्कि साजिश भी हो सकती है. छात्र हर्षित की मां का कहना है कि हर्षित एमिटी यूनिवर्सिटी में फिजिकल एजुकेशन का छात्र था और उसे तैरना अच्छी तरह आता था. उन्होंने कहा, "उनका बेटा भविष्य में कोच बनना चाहता था और अपने लक्ष्य को लेकर बेहद गंभीर था. ऐसे में यह सवाल उठता है कि जो छात्र तैराकी में निपुण था, वह किसी गड्ढे या नाले में डूब कैसे सकता है?"

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तीनों छात्रों से सख्ती से पूछताछ की जाए 

दीपमाला ने बताया कि घटना के समय मौजूद तीन छात्रों में से वह दो के नाम जानती है. तीसरे छात्र का नाम उन्हें नहीं पता, लेकिन उन्होंने कहा कि वह इन बच्चों से कभी मिली नहीं हैं. उन्होंने मांग की है कि इन सभी से सख्ती से पूछताछ की जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके.

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हर्षित की मां ने भावुक होते हुए कहा कि उनका बेटा गलत नहीं था और वह एक होनहार छात्र था. उन्होंने बताया कि हर्षित का यह अंतिम वर्ष था और 17 अप्रैल को उसकी परीक्षाएं खत्म होने वाली थीं. घटना वाले दिन उसका तीसरा पेपर था. उन्होंने यह भी बताया कि वह रोज अपने बेटे के लिए टिफिन तैयार करती थीं और हर्षित कहता था कि उसके दोस्तों को उसकी मां के हाथ का खाना बहुत पसंद है.

बेटे के हाथ, पैर और पीठ पर चोट के निशान

सबसे गंभीर आरोप लगाते हुए दीपमाला ने कहा कि उनके बेटे के हाथ, पैर और पीठ पर चोट के निशान थे, जो किसी सामान्य डूबने की घटना में नहीं हो सकते. उन्होंने सवाल उठाया कि अगर उनका बेटा पानी में गया भी था, तो वहां मौजूद लोगों ने उसे रोकने की कोशिश क्यों नहीं की. उन्होंने कहा कि उनका बेटा शराब नहीं पीता था और स्कूल व कॉलेज के शिक्षक भी उसकी तारीफ करते थे. 'एक अच्छा कॉलेज छोड़कर मेरा बेटा नाले में क्यों जाएगा?' यह सवाल पूछते हुए उन्होंने प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई.