उत्तर प्रदेश के नोएडा में गड्ढे में डूब कर हुई हर्षित भट्ट की फैमिली गाजियाबाद की शिप्रा रिवेरा में रहती है. यहां माहौल बेहद गमगीन है, हर्षित के पिता सेना में है और फिलहाल लद्दाख में पोस्टेड है. वह अब तक घर नही आ पाए हैं. हर्षित के परिवार में उसके पिता उसकी मां और उसकी बहन है फिलहाल सभी लोग हर्षित के शव का इंतजार कर रहे हैं साथ ही हर्षित के पिता का भी इंतजार है.

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इंदिरापुरम की शिप्रा रिवेरा सोसायटी में हर्षित भट्ट अपने पिता माता और छोटी बहन के साथ रहता था. यहां के स्थानीय पार्षद अनुज त्यागी ने बताया कि जब से हर्षित की दुखद खबर मिली है तब से पूरे सोसाइटी में माहौल गमगीन है. स्थानीय निवासी और पार्षद चाहते हैं कि इस मामले की गंभीरता से जांच हो. सभी का मानना है कि आखिर हर्षित वहां तक पहुंच कैसे यह एक बड़ा सवाल है.

स्थानीय प्रशासन पर उठ रहे सवाल

हर्षित के पिता आर्मी में है और फिलहाल लद्दाख में पोस्टेड है. पार्षद के मुताबिक हर्षित बेहद सिंसियर और होनहार बच्चा था. इसमें ऐसा लगता है कि प्रशासन की कमी है. गढ़ा था कई फुट पानी था वहां बैरिकेड या गार्ड होने चाहिए थे. हर्षित वहां तक पहुंचा कैसे. नहाने की जगह नहीं थी घर का चिराग खत्म हो गया है प्रशासन को पूछताछ करनी चाहिए हर्षित गड्ढे तक पहुंचा कैसे यह बड़ा सवाल है.

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नोएडा प्राधिकरण घेरे में 

इस मामले में परिजनों ने किसी तरह की कोई शिकायत या आशंका व्यक्त नहीं की है. लिहाजा पुलिस दुर्घटना के एंगल से ही जांच कर रही है. लेकिन इस घटना ने नोएडा में युवराज की मौत की यादें ताजा कर दी. जिसमें घटना तो बदली लेकिन हालात नहीं बदले. उस मामले में भी नोएडा प्राधिकरण की लापरवाही सामने आई थी और इसमें भी. फिलहाल प्राधिकरण की तरफ से कोई जांच संबंधी बयान नहीं आया है सामने.