नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के संचालन शुरू होने के बाद नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर यातायात का दबाव तेजी से बढ़ने की संभावना है. इसे ध्यान में रखते हुए सड़क सुरक्षा को और अधिक मजबूत व व्यवस्थित बनाने के लिए नोएडा प्राधिकरण कि सीईओ ने एक अहम निर्णय लिया है. प्राधिकरण द्वारा एक्सप्रेसवे के दोनों ओर स्थित सर्विस रोड पर लगभग 20 किलोमीटर लंबाई में डब्ल्यू-बीम मेटल क्रैश बैरियर लगाने की योजना तैयार की गई है.
नोएडा प्राधिकरण के सीईओ कृष्णा करूणेश के अनुसार, इस परियोजना के लिए लगभग 4312.69 लाख रुपये की स्वीकृति दी जा चुकी है और जल्द ही कार्य शुरू करने के लिए निविदा प्रक्रिया भी पूरी कर ली जाएगी. यह एक्सप्रेसवे नोएडा और ग्रेटर नोएडा को जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण और व्यस्त मार्ग है, जहां मुख्य कैरिजवे के साथ-साथ सर्विस रोड पर भी भारी यातायात बना रहता है.
ग्रीन बेल्ट और गहरी नालियां दुर्घटना का बनती हैं कारण
जानकारी के अनुसार, सर्विस रोड के किनारे बनी ग्रीन बेल्ट और उसके पास गहरी नालियां दुर्घटनाओं का एक बड़ा कारण बनती हैं. बरसात के मौसम में इन नालियों में पानी भर जाने से खतरा और बढ़ जाता है, जिससे वाहन अनियंत्रित होकर ग्रीन बेल्ट या नाले में गिर सकते हैं. ऐसे में डब्ल्यू-बीम क्रैश बैरियर लगाने से इन दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकेगा.
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इस पहल से सड़क दुर्घटनाओं में आएगी कमी- सीईओ
वहीं विशेषज्ञों के मुताबिक ये बैरियर आमतौर पर हाईवे, एक्सप्रेसवे और खतरनाक मोड़ों पर लगाए जाते हैं. इनका डिजाइन इस तरह का होता है कि टक्कर के समय ये प्रभाव ऊर्जा को अवशोषित कर लेते हैं, जिससे दुर्घटना की गंभीरता कम हो जाती है और यात्रियों की जान बचने की संभावना बढ़ जाती है. यह उच्च गुणवत्ता वाले स्टील से बनाए जाते हैं, जिन पर जंग से बचाव के लिए जिंक की परत चढ़ाई जाती है. नोएडा प्राधिकरण के सीईओ कृष्णा करूणेश का मानना है कि इस पहल से न केवल सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी, बल्कि यात्रियों को सुरक्षित, सुगम और बेहतर यातायात अनुभव भी मिलेगा.
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