नोएडा-ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में आने वाले किसानों के लिए अच्छी खबर सामने आई हैं, प्राधिकरण इन क्षेत्रों में स्थित गांवों की जमीन के अधिग्रहण के लिए मुआवजा दरों को बढ़ाने की तैयारी कर रहा है. बीते सात सालों से यहां मुआवजे की दरों में बढ़ोतरी नहीं हुई है. इसे बढ़ाने की काफी समय से मांग की जा रही थी. इससे किसानों को काफी फायदा होगा. 

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जमीन की मुआवजा दरों को लेकर नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण तीनों प्राधिकरण के अधिकारियों की दो बैठकें हो चुकी हैं. इन बैठकों में मुआवजा राशि को लेकर मंथन किया गया, जिसके बाद प्राधिकरण की ओर से नई प्रस्तावित दरों को लेकर रिपोर्ट शासन तक भेज दी गई है. नई दरों पर अंतिम फैसला शासन को लेना है. 

शासन की मंजूरी के बाद लागू होंगी दरें

शासन से नई दरों को मंजूरी मिलने के बाद तीनों प्राधिकरणों की बैठक होगी और फिर नई दरों को प्रभावी कर दिया जाएगा. बताया जा रहा है कि तीनों प्राधिकरणों की दरों में ज्यादा अंतर न रहे इसके लिए अधिकारियों ने सहमति के आधार पर प्रस्तावित दरों को तय किया है.  

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दरअसल नोएडा में पिछले पांच सालों से और ग्रेटर नोएडा में सात सालों से किसानों की जमीनों के अधिग्रहण की दरों को बढ़ाया नहीं गया है. जिसके बाद अब तीनों प्राधिकरणों ने ये कदम उठाया है. इस समय प्राधिकरण की दरों और बाज़ार दरों में काफी अंतर है, जिसके चलते नोएडा-ग्रेनो प्राधिकरण को ज़मीन अधिग्रहण में दिक्कतें हो रही थी. प्राधिकरण सीधे किसानों से ज़मीन नहीं ले पा रहा था. 

मास्टर प्लान के मुताबिक पूरा नोएडा 21000 हेक्टेयर का है जिसमें से 13000 हेक्टेयर ज़मीन का अधिग्रहण हो चुकी है. 5000 हेक्टेयर डूब क्षेत्र हैं और 2200 हेक्टेयर में आबादी है. अगर सरकार ज़मीन अधिग्रहण के नई दरों को मंजूरी देती है तो आने वाले समय में इन क्षेत्रों में फ्लैट और ज़मीन की कीमतों में बढ़ोतरी होगी. इससे रीसेल प्रॉपर्टी की कीमतें भी बढ़ जाएंगे.