रक्षाबंधन के पर्व से पहले भारी भीड़ के चलते गुरुवार को नोएडा और गाजियाबाद में भयंकर जाम नजर आया. जिससे कई घंटों तक यात्री एक्सप्रेसवे पर जाम में फंसे रहे. शाम होते-होते स्थिति और बिगड़ गई और देखते ही देखते दूर-दूर तक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं. 

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नोएडा-गाजियाबाद में काम करने वाले हजारों लोग रक्षाबंधन का त्योहार मनाने के लिए अपने घर की तरफ निकले थे, लेकिन एक्सप्रेसवे पर पहुंचते ही उन्हें भीषण जाम का सामना करना पड़ा, जिससे उन्हें कई घंटों तक सड़क पर ही खड़े रहना पड़ा. इस बीच बारिश से हालात और ज्यादा खराब हो गए. इस दौरान यात्रियों ने ट्रैफिक विभाग और पुलिस की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं.

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इन इलाकों में रहा सबसे ज्यादा जाम

भयंकर जाम से सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में नोएडा सेक्टर 62-63, 37, परी चौक, नोएडा एक्सप्रेसवे, ग्रेटर नोएडा, दादरी रोड, एफएनजी एक्सप्रेसवे, विकास मार्ग, डीएनडी फ्लाईओवर, चिल्ला बॉर्डर और कालिंदी कुज शामिल रहे. लोगों ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं देते हुए कहा कि गाजियाबाद में भीषण ट्रैफिक जाम है.

दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे वाहनों से खचाखच भरा हुआ है, जिससे त्योहारों की भीड़भाड़ के दौरान लोग भारी ट्रैफिक में फंस गए हैं. त्योहारों के दौरान यात्रा करना एक भयानक ट्रैफिक जाम में तब्दील हो गया है. दिल्ली जाने वाले मार्गों पर विशेष रूप से भारी ट्रैफिक देखा गया, चिल्ला सीमा, कालिंदी कुंज और डीएनडी फ्लाईओवर के आसपास वाहनों की गति बहुत धीमी रही. इस दौरान कतारें कई किलोमीटर तक फैली हुई थीं और सीमा पर इंतजार करने का समय लगभग दोगुना हो गया था.

यात्रियों ने दी प्रतिक्रियाएं

कई यात्रियों के लिए यह यात्रा जल्द ही इंतजार की परीक्षा में बदल गई. यात्री संजीव कुमार शाम 4 बजे नोएडा से कानपुर के लिए रवाना हुए थे. उन्होंने बताया कि उन्हें एनएच-9 पर सेक्टर 62 गोलचक्कर तक पहुंचने में ही एक घंटा लग गया और फिर लखनऊ जाने वाली बस के लिए लगभग दो घंटे इंतजार करना पड़ा.

उन्होंने कहा, "मुझे अब तक अपनी यात्रा का आधा हिस्सा तय कर लेना चाहिए था, लेकिन ऐसा लगता है कि मैं अपनी छुट्टी का ज्यादातर समय आने-जाने में ही बिता दूंगा." लाल कुआं में सैकड़ों यात्री बसों का इंतजार कर रहे थे.

वहीं बरेली जा रहे सुमित सिंह ने बताया कि उन्हें आधा घंटा इंतजार करना पड़ा, तभी एक बस आई, लेकिन उसमें इतनी भीड़ थी कि यात्री दरवाजे के पास खड़े थे. उन्होंने कहा, "मैंने उसमें सवार न होने का फैसला किया."

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