मिडिल ईस्ट युद्ध के बाद अब युद्ध का असर भारत के कुछ शहरों में भी देखने को मिल रहा है. कमर्शियल सिलेंडर और घरेलू सिलेंडर को लेकर किस तरह की दिक्कतों का सामना लोग कर रहे हैं. सरकार लगातार दावे कर रही है कि गैस सिलेंडर की किसी तरह की कोई किल्लत नहीं है. सरकार के पास भरपूर मात्रा में गैस सिलेंडर है, लेकिन स्थिति बिल्कुल उल्टी है.

जब एबीपी न्यूज़ की टीम ने ग्राउंड जीरो पर जाकर एक रेस्टोरेंट में बात की तो सच्चाई सामने आई उन्होंने बताया कि कमर्शियल सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है. जिसकी वजह से काफी किल्लत आ रही है. गैस सिलेंडर ब्लैक में मिल रहे हैं. गैस सिलेंडर की कालाबाजारी की जा रही है. रेस्टोरेंट चालक भट्टी पर खाना बनाने को मजबूर हैं. इनका कहना है कि एक दिन हमें रेस्टोरेंट गैस की वजह से बंद करना पड़ सकता है.

कमर्शियल गैस की किल्लत

एबीपी न्यूज़ की टीम ने तुगलपुर के एक रेस्टोरेंट में जाकर रियलिटी चेक किया, तो वहा रेस्टोरेंट में देखा कि क्या वाकई में गैस सिलेंडर की दिक्कत है. रेस्टोरेंट संचालक ने बताया कि कमर्शियल गैस सिलेंडर नहीं मिल पा रहे हैं. जिसकी वजह से रेस्टोरेंट बंद होने की कगार पर आ गया है. अगर गैस सिलेंडर किसी के पास है. तो लोग उसे ₹5000 में बेच रहे हैं. जिसकी वजह बाजार में ब्लैक में बिक रहे सिलेंडर को वह नहीं ले पा रहे जिसकी बदौलत उन्हें अपने रेस्टोरेंट में भट्टी जलानी पड़ी रही है.

चाइनीज आइटम बंद हुए

रेस्टोरेंट में भट्टी से ही वह अधिकतर खाना बना रहे हैं. उनका कहना था कि उन्होंने कुछ चाईनीज आइटम को बंद करना पड़ा. इन आइटमों में गैस ज्यादा इस्तमाल होती थी. ज्यादातर रेस्टोरेंट खाली हैं. ग्राहकों की संख्या भी अब महज गिनतियों में पहुंच गयी है. कई जगह अब रोटी की जगह सिर्फ चावल वाली डिश ही मौजूद हैं.

खाने के दाम नहीं बढ़ाए

एक संचालक ने बताया कि हमारे यहां पर सिलेंडर तो रखा हुआ है. लेकिन खाली है, और भट्टी पर लोग काम करने को मजबूर हैं. इनका कहना है कि हम लोगों ने खाने के दाम भी नहीं बढ़ाए अगर खाने के दाम बढ़ा दिए जाएंगे तो हमारे जो ग्राहक हैं. वह हमारे रेस्टोरेंट पर खाने के लिए नहीं आएंगे. इसलिए वह मजबूर है. हालांकि प्रशासन लगातार गैस कालाबाजारी को लेकर अभियान चलाए हुए हैं. काफी लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार भी किया है, उन पर कार्रवाई की गई है.