नोएडा के सेक्टर-119 स्थित अरन्या सोसाइटी में सोमवार (29 जून) सुबह करीब 8:50 बजे एक बड़ा हादसा हो गया. 21वीं मंजिल पर बने फ्लैट नंबर 2105 में AC फटने के बाद आग लग गई और देखते ही देखते आग ने पूरे फ्लैट को अपनी चपेट में ले लिया. कुछ ही देर में करोड़ों रुपये का यह फ्लैट जलकर खाक हो गया, जबकि पूरी सोसाइटी में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया. यह फ्लैट सुरेश महाजन का बताया जा रहा है.

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आपात में सुरक्षा व्यवस्था ही जवाब दे जाए ,तो भरोसा किस पर करें?

एबीपी न्यूज एक्सक्लूसिव उसी फ्लैट नंबर 2105 तक पहुंचा, जहां यह हादसा हुआ. मौके पर सामने आई तस्वीरों ने हाईराइज सोसाइटी की फायर सेफ्टी व्यवस्था पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए. कैमरे में दिखाई दिया कि फायर सुरक्षा के लिए पाइप लाइन और वाटर स्प्रिंकलर लगाए गए थे, लेकिन स्थानीय लोगों का दावा है कि जरूरत के समय ये सिस्टम प्रभावी तरीके से काम नहीं कर सके.

इस घटना के बाद अब सवाल सिर्फ आग लगने का नहीं, बल्कि करोड़ों रुपये खर्च कर खरीदे गए हाईराइज फ्लैटों की सुरक्षा का भी है. जिन इमारतों को आधुनिक सुविधाओं और सुरक्षित जीवन के वादे के साथ बेचा जाता है, वहां अगर आपात स्थिति में सुरक्षा व्यवस्था ही जवाब दे जाए तो भरोसा किस पर किया जाए?

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सुरक्षा व्यवस्था समय पर काम ना आने पर सोसाइटी पर खड़े हुए सवाल

सबसे बड़ा नुकसान उस परिवार का हुआ जिसने अपनी जीवन भर की जमा पूंजी और खून-पसीने की कमाई से यह 3BHK फ्लैट खरीदा था. एक घर सिर्फ दीवारों और छत का नाम नहीं होता, उसमें पूरे परिवार के सपने और बरसों की मेहनत जुड़ी होती है, जो कुछ ही मिनटों में राख में बदल गई.

अरन्या सोसाइटी की यह घटना अब एक बड़े सवाल के रूप में सामने है, क्या इन ऊंची-ऊंची इमारतों में रहने वाले परिवार वास्तव में उतने सुरक्षित हैं, जितना उन्हें बताया जाता है? और अगर सुरक्षा व्यवस्था जरूरत के समय जवाब दे जाए, तो अब देखना होगा कि जवाब जवाबदेही आखिर किसकी तय होती है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं.

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