नए साल 2026 के स्वागत की तैयारियां पूरे जिले में जोरों पर हैं. कोई क्लब में पार्टी की योजना बना रहा है तो कोई होटल और रेस्टोरेंट में जश्न मनाने की तैयारी में है. लेकिन सहारनपुर की एक खास पहचान है, यहां नए साल की शुरुआत बड़ी संख्या में लोग आस्था और श्रद्धा के साथ माँ शाकुम्भरी देवी के दरबार में माथा टेककर करते हैं. यही वजह है कि हर साल की तरह इस बार भी नववर्ष के मौके पर माँ के मंदिर में भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है.

Continues below advertisement

सहारनपुर से करीब 45 किलोमीटर दूर शिवालिक पर्वत श्रृंखला की तलहटी में स्थित माँ शाकुम्भरी देवी मंदिर आस्था का एक प्रमुख केंद्र है. मान्यता है कि माँ के दर्शन मात्र से ही भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं. यही वजह है कि सालभर यहां देश के अलग-अलग हिस्सों से लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं. नए साल पर तो यह संख्या और भी बढ़ जाती है.

पार्टी नहीं, सेवा और भंडारे का आयोजन

जहां एक ओर शहरों में लोग नववर्ष की पूर्व संध्या पर डीजे, डांस और पार्टियों में मशगूल रहते हैं, वहीं माँ शाकुम्भरी देवी के दरबार में सेवा और भक्ति का माहौल रहता है.

Continues below advertisement

नववर्ष के दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु भंडारे का आयोजन करते हैं, जरूरतमंदों और यात्रियों को भोजन कराते हैं और इसे पुण्य का कार्य मानते हैं. मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में भक्ति गीत, जयकारे और घंटियों की आवाज माहौल को भक्तिमय बना देती है.

कैसे पहुंचें माँ के दरबार तक

माँ शाकुम्भरी देवी का मंदिर सहारनपुर से दिल्ली-चकराता मार्ग पर स्थित है. यहां पहुंचने के लिए निजी वाहन के साथ-साथ रोडवेज और निजी बसों की सुविधा भी उपलब्ध है. नवरात्रों के दौरान तो श्रद्धालु सैकड़ों किलोमीटर की पदयात्रा करते हुए माँ की झांकियों के साथ मंदिर तक पहुंचते हैं.

धार्मिक मान्यता के अनुसार, माँ के दर्शन से पहले भूरा देव के दर्शन करना जरूरी माना जाता है. भूरा देव का मंदिर माँ के दरबार से लगभग एक किलोमीटर पहले स्थित है.

नववर्ष पर भारी भीड़ की उम्मीद

इस बार भी नववर्ष 2026 के मौके पर दूर-दराज से हजारों श्रद्धालु माँ शाकुम्भरी देवी के दर्शन के लिए सहारनपुर पहुंचने की तैयारी कर रहे हैं. प्रशासन और मंदिर समिति की ओर से भी व्यवस्थाएं दुरुस्त करने की तैयारी की जा रही है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो और सभी लोग शांति व श्रद्धा के साथ नए साल की शुरुआत कर सकें.