यूपी के इन तीन जिलों में बनेंगे नए शहर, योगी सरकार जारी करेगी 225 करोड़ रुपये, जानें पूरा प्लान
UP में योजना के लिए 3500 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान किया गया है. इसी के अंतर्गत आगरा, बरेली व प्रयागराज में प्रस्तावित नए शहरों के विकास हेतु सीड कैपिटल अनुमन्य की गई है.

यूपी कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण/नए शहर प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत आगरा, बरेली व प्रयागराज में नए शहरों के समग्र एवं सुनियोजित विकास के लिए धनराशि स्वीकृत करने और व्यय संबंधी प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की गई. इस निर्णय से प्रदेश में आधुनिक, सुव्यवस्थित और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप नगरीय विकास को नई गति मिलेगी.
प्रदेश सरकार द्वारा तेजी से बढ़ती शहरी आबादी को बेहतर आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा शहरों के नियोजित विस्तार के उद्देश्य से मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण/नए शहर प्रोत्साहन योजना लागू की गई है. योजना के संचालन के लिए 6 अप्रैल 2023 को विस्तृत दिशा-निर्देश भी जारी किए गए थे. योजना के तहत नए शहरों के विकास के लिए भूमि अर्जन पर होने वाले व्यय का 50 प्रतिशत तक राज्य सरकार द्वारा सीड कैपिटल के रूप में अधिकतम 20 वर्षों के लिए उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है.
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इससे विकास प्राधिकरणों और संबंधित एजेंसियों को बड़े पैमाने पर नगरीय अवसंरचना विकसित करने में सुविधा मिलेगी. वित्तीय वर्ष 2026-27 में इस योजना के लिए 3500 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान किया गया है. इसी के अंतर्गत आगरा, बरेली व प्रयागराज में प्रस्तावित नए शहरों के विकास हेतु संबंधित अभिकरणों को कुल 355.06 करोड़ रुपये तक की सीड कैपिटल अनुमन्य की गई है. इसके सापेक्ष प्रथम किस्त के रूप में 225 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान करते हुए धनराशि अवमुक्त करने का निर्णय लिया गया है.
यूपी सेमीकंडक्टर नीति-2024 में संशोधन को मंजूरी
योगी कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश सेमीकंडक्टर नीति-2024 में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की. राज्य सरकार का मानना है कि बदलते औद्योगिक परिदृश्य, निवेशकों की आवश्यकताओं, अन्य राज्यों से प्रतिस्पर्धा तथा भारत सरकार के इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के साथ बेहतर सामंजस्य स्थापित करने के लिए नीति में संशोधन आवश्यक था.
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश सेमीकंडक्टर नीति-2024 को 19 जनवरी 2024 को अधिसूचित किया गया था. यह नीति अधिसूचना की तिथि से 5 वर्षों तक प्रभावी रहेगी. संशोधन के माध्यम से नीति को और अधिक निवेशक अनुकूल बनाया गया है, जिससे प्रदेश में सेमीकंडक्टर एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्षेत्र में बड़े निवेश आकर्षित किए जा सकेंगे. इन संशोधनों से राज्य सरकार पर किसी प्रकार का अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं आएगा. नीति के तहत निवेशकों को परियोजना के वाणिज्यिक उत्पादन शुरू होने की तिथि से कम से कम 3 वर्षों तक उत्पादन संचालन बनाए रखने की प्रतिबद्धता भी देनी होगी.
























