नेपाल बाढ़: मदद के लिए 6 साल के बच्चे ने दान की पॉकेटमनी, गुल्लक लेकर पहुंचा DM ऑफिस
कुशीनगर जिले का रहने वाला छह साल का एक बच्चा नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ से प्रभावित लोगों की मदद के लिए अपनी गुल्लक लेकर जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचा और बाढ़ पीड़ितों की मदद की इच्छा जताई.

उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले का रहने वाला छह साल का एक बच्चा पड़ोसी देश नेपाल में हाल ही में आयी विनाशकारी बाढ़ से प्रभावित लोगों की मदद के लिए गुल्लक में जमा की गई अपनी साल भर की बचत दान करने के लिए जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचा. बच्चों के इस जज्बे की मौके पर मौजूद हर किसी ने सराहना की.
अधिकारियों ने बताया कि कुशीनगर जिले की पडरौना तहसील के बेतिया गांव का रहने वाला अल्फाज शेख हाल ही में नेपाल में बाढ़ से हुई तबाही और उससे लोगों को हो रही परेशानी की तस्वीरें टीवी और सोशल मीडिया पर देखकर बहुत दुखी था.
बच्चे ने गुल्लक सौंप पीड़ितों तक पहुंचाने का किया अनुरोध
उन्होंने बताया कि यह बच्चा गत तीन सितंबर को अपनी साल भर जमा की गई रकम से भरी गुल्लक लेकर कुशीनगर के जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर के कार्यालय पहुंचा. अधिकारियों ने बताया कि शेख ने जिलाधिकारी को गुल्लक सौंपा और अनुरोध किया कि इस धन को राहत कोष में जमा करके नेपाल में बाढ़ पीड़ितों तक पहुंचा दिया जाए. महज छह साल के बच्चे के इस जज्बे ने जिलाधिकारी कार्यालय में मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों का ध्यान खींचा और उन्होंने उसकी दयालुता और मुसीबत में फंसे लोगों की मदद करने की इच्छा की सराहना की.
जिला प्रशासन के एक अधिकारी ने कहा, 'उस उम्र में जब बच्चे आमतौर पर खिलौनों और अपनी छोटी-मोटी जरूरतों के लिए पैसे बचाते हैं, अल्फाज शेख ने आपदा पीड़ितों की मदद के लिए अपनी साल भर की पूरी बचत देने का फैसला किया.'
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बच्च ने तबाही की तस्वीरें देख जताई 20 हजार देने की इच्छा
अधिकारियों ने बच्चे की इस पहल को मानवीय संवेदना और पड़ोसी देश के प्रति सद्भावना का उदाहरण बताया. जिलाधिकारी तंवर ने भी अल्फाज शेख की इस सराहनीय सोच के बारे में जानकारी अपने आधिकारिक 'एक्स' हैंडल पर साझा की. अधिकारियों ने बताया कि बच्चे की इच्छा के अनुसार उसकी बचत को नेपाल भेजने का सही तरीका खोजने की कोशिश की जा रही है.
उन्होंने कहा कि शेख का यह काम याद दिलाता है कि मदद की कीमत धन की मात्रा से नहीं, बल्कि उसके पीछे की भावना से तय होती है. अल्फाज शेख के दादा कासिम अली ने संवाददाताओं को बताया कि उनका पौत्र बाढ़ के बाद नेपाल से आ रही तबाही की तस्वीरें देखकर बहुत दुखी हुआ और उसने अपनी छोटी—छोटी बचत से जमा किए गए 20 हजार रुपये दान करने की इच्छा जताई. अली ने कहा, 'हम जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे जहां अल्फाज ने अपनी गुल्लक जिलाधिकारी को सौंप दी.' अल्फाज के पिता सऊदी अरब के रियाज में काम करते हैं और वह चार भाई-बहनों में तीसरे नंबर पर है.
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