अमेरिका से ट्रेड डील को लेकर भारतीय किसान यूनियन के नेता नरेश टिकैत और राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष व केंद्र सरकार में मंत्री जयंत चौधरी के बीच उस वक्त जुबानी जंग छिड़ गई, जब नरेश टिकैत ने जयंत चौधरी की तुलना हलवाई की दुकान पर बैठी ततैया से करते हुए कहा वो सरकार में इसलिए उन्हें सरकार के पक्ष में बोलना पड़ता है.
दरअसल ट्रेड डील के विरोध में भारतीय किसान यूनियन के किसानों को लामबंद करने में जुटी है ताकि आंदोलन छेड़ा जा सके, इसी क्रम में मंगलवार को सिसौली गाँव में एक बड़ी पंचायत हुई, जिसमें नरेश टिकैत ने पत्रकारों से बात करते हुए जयंत चौधरी पर तंज कसते हुए कि वो केंद्र सरकार के साथ है इसलिए उन्हें सरकार के पक्ष में बोलना पड़ता है.
जयंत चौधरी की ततैया से की तुलना
नरेश टिकैत ने एक उदाहरण देते हुए अपना जवाब दिया और कहा कि जिस तरह हलवाई की दुकान पर ततैया मिठाई पर बैठ जाता है लेकिन हलवाई को नहीं काटता, जबकि हलवाई उसे बार-बार हटाता रहता है. उसी तरह जयंत भी सरकार के खिलाफ कुछ नहीं बोल सकते हैं.
उन्होंने कहा कि अच्छा ही है कि वो डील पर कुछ नहीं बोलते. ये उनकी मजबूरी है. मेरी सलाह है कि वो इस बारे में कुछ न पड़े तो ही अच्छा है. अगर वो डील के पक्ष में बोलेंगे तो किसानों नाराज हो जाएंगे और अगर वा किसानों के पत्र में बोलेंगे तो सरकार नाराज़ हो जाएगी.
नरेश टिकैत के बयान पर पलटवार
नरेश टिकैत के इस बयान पर जयंत चौधरी ने भी पलटवार किया. उन्होंने सोशल मीडिया साइट एक्स पर लिखा- 'जो हलवाई और ततैया का किस्सा सुना रहे उन्हें बता दूं मुझे मीठे का कोई शौक नहीं.'
दोनों नेताओं के बीच बढ़ती जुबानी जंग को देखते हुए बीकेयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत की भी एंट्री हो गई और उन्होंने डैमेज कंट्रोल करने की कोशिश की. टिकैत ने कहा कि जनता को जयंत चौधरी से सवाल नहीं पूछने चाहिए, क्योंकि वो कृषि मंत्री नहीं है और न ही प्रधानमंत्री हैं. हम कहीं भी रहे लेकिन एक रहेंगे. जहां तक मीठे की बात है तो जयंत ठीक कह रहे हैं उन्हें मीठा पसंद नहीं है. वो ज़रूरत होगी वो जनता के बीच होंगे.
