कुशीनगर: नारायणी नदी का कहर, बंधे के बचाव कार्य में हो रही लापरवाही
ABP Ganga | 21 Sep 2019 08:12 PM (IST)
नारायणी नदी हर साल तमकुहीराज तहसील क्षेत्र में भारी तबाही मचाती है। नारायणी नदी इस बार अमवाखास बंधे का रूख किया है। अमवाखास बंधे पर लक्ष्मीपुर गांव के पास नदी ने स्पर काट दिया है और मुख्य बंधे पर भी कटान करना शुरू कर दिया है।
कुशीनगर,एबीपी गंगा। नेपाल से निकलने वाली नारायणी नदी एक बार फिर तबाही मचा रही है। नारायणी नदी तमकुहीराज तहसील के अमवाखास बंधे पर लक्ष्मीपुर गांव के पास भीषण कटान कर रही है। नदी स्पर काटने के बाद सीधे बंधे से टकराकर कटान कर रही है, जिससे किनारे के लोग भयभीत हैं, लोग अपने घरों को तोड़कर ऊंचे स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं। भीषण रूप से कटान कर रही नारायणी नदी अब तक आठ घरों को काट चुकी है। नदी के रौद्र रूप को देखते हुए जिला प्रशासन ने हाई अलर्ट घोषित किया है, प्रशासन ने नदी के किनारे के गांव को खाली करने का निर्देश जारी किया है। कटान स्थल पर कैंप कर रहे एसडीएम तमकुहीराज अरविन्द कुमार ने भी सिंचाई विभाग के बचाव कार्य पर सवाल खड़ा किया है। एसडीएम ने सिंचाई विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़ा करते हुए कहा है कि विभाग कटान रोकने में लापरवाही कर रहा है । उन्होने यहां तक कहा कि अगर बंधा कटा तो अधिकारियों पर मुकदमा भी दर्ज किया जायेगा । बंधे की कटान शुरू होने के बाद उसे रोकने के लिए सिंचाई विभाग युद्ध स्तर पर काम कर रहा है लेकिन स्थानीय लोग बचाव कार्य से संतुष्ट नहीं हैं। सिंचाई विभाग भी बंधे की कटान को रोकने के लिए घटिया स्तर का काम कर रहा है। कटान रोकने के लिए जियो बैग को बिना सिलाई के पानी में डाला जा रहा है जो पानी की धार में खुल जा रहा है । विभाग की लापरवाही से आक्रोशित क्षेत्रीय विधायक और कांग्रेस के विधानमंडल के नेता अजय कुमार लल्लू ने कटान स्थल पर ही धरना देना शुरू कर दिया है। इसके साथ ही लोगों के बचाव में वह खुद लगे हुए हैं। लल्लू लोगों का सामान भी खुद उठवा रहे हैं और बंधे के बचाव के लिए बोल्डर भी नदी में धकेल रहे हैं। कटान रोकने के लिए विभागीय लापरवाही के चलते स्थानीय लोगों ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों का घेराव किया जिसके बाद अधिकारी मौके से भाग खड़े हुए। अधिकारी बोरे में मिट्टी भरवाकर मशीन की जगह हाथ से सिलाई करा कोरमपूर्ती में लगे हैं। - नारायणी नदी हर साल तमकुहीराज तहसील क्षेत्र में भारी तबाही मचाती है। नारायणी नदी इस बार अमवाखास बंधे का रूख किया है। अमवाखास बंधे पर लक्ष्मीपुर गांव के पास नदी ने स्पर काट दिया है और मुख्य बंधे पर भी कटान करना शुरू कर दिया है। हर बार की तरह इस बार भी जिला प्रशासन नींद से तो जागा लेकिन नदी ने भीषण कटान करना शुरू करने के बाद । नदी की भीषण कटान को देखकर किनारे रहने वालों की नींद उड़ गई है ,जिला प्रशासन भी कटान को देखते हुए अर्लट मोड में आ गया है। बंधे पर पुलिस के जवानों को तैनात किया गया है। नदी की कटान देखकर भयभीत ग्रामीणों का कहना है कि कई दिनों से सिंचाई विभाग के अधिकारियों को कटान रोकने के लिए आगाह किया जा रहा था लेकिन अधिकारी बेपरवाह बने हुए थे जिसके कारण नदी बंधे को काट रही है। मौके पर कैंप कर रहे तमकुहीराज एसडीएम ने भी बंधे के बचाव कार्य में सिंचाई विभाग द्वारा लापरवाही बरतने की बात कही है । नदी की भीषण कटान देखकर सहमे लोग अपने घरों को छोड़कर अन्य स्थान पर पलायन कर रहे हैं। - एक तरफ जहां नदी की कटान से लोगों में भय है तो वहीं दूसरी ओर सिंचाई विभाग बंधे के बचाव कार्य में भी घोर लापरवाही कर रहा है और सरकारी धन का दुरुपयोग कर रहा है। मौके पर मौजूद सिंचाई विभाग के एससी के सामने ही बचाव कार्य के लिए बोरों में आरबीएम की जगह मिट्टी भरा जा रहा है और बोरों की सिलाई भी नहीं की जा रही है जिससे पानी में गिरने के बाद बोरे खुल जा रहे हैं। कटान रोकने के लिए सिंचाई विभाग बजट का बंदर बांट करने में लगा है । विभाग की इस लापरवाही के खिलाफ ग्रामीण आक्रोशित हो गये और उन्होंने अधिकारियों को घेर लिया अपने को फंसता देख अधिकारी मौके से भाग खड़े हुए । बचाव कार्य में लापरवाही के सवाल पर सिंचाई विभाग के एससी भी कोई जवाब नहीं दे पाये ।