'33 नहीं 50 फीसदी रिजर्वेशन मिले', चंद्रशेखर आजाद ने महिला आरक्षण को लेकर केंद्र सरकार को घेरा
Nari Shakti Vandan Adhiniyam: महिला आरक्षण पर नगीना से सांसद और आजाद समाज पार्टी के मुखिया चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि सरकार को अपने वादे से पीछे नहीं हटना चाहिए.

आजाद समाज पार्टी के मुखिया और नगीना सीट से लोकसभा सांसद चंद्रशेखर आजाद गुरुवार को आगरा की भीम नगरी में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल हुए, जहां उन्होंने महिला आरक्षण से लेकर नोएडा में श्रमिकों के विरोध प्रदर्शन और लखीमपुर खीरी के मुद्दे को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला किया. उन्होंने कहा कि महिलाओं को राजनीति में 33 फीसद नहीं बल्कि पूरे 50 फीसदी आरक्षण मिलना चाहिए.
चंद्रशेखर आजाद ने महिला आरक्षण को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए और कहा कि 2023 में जब नारी वंदन बिल पारित हुआ, तब कहा गया कि इसे लागू करने से पहले जनगणना और परिसीमन होगा जबकि विपक्ष की मांग थी कि इसे तुरंत लागू किया जाए.
उन्होंने कहा कि बाबा साहब डॉ. अंबेडकर ने कहा था कि किसी समाज की प्रगति उसकी महिलाओं की प्रगति से मापी जाती है. महिलाओं को केवल 33 प्रतिशत नहीं बल्कि 50 प्रतिशत आरक्षण मिलना चाहिए. सरकार यदि अपने ही वादों से पीछे हटती है, तो सवाल उठता है कि क्या यह केवल राजनीतिक लाभ के लिए किया जा रहा है.
लखीमपुर विवाद पर प्रशासन को घेरा
लखीमपुर खीरी में लंबे समय से चल रहे विवाद पर नगीना सांसद ने कहा कि अगर शासन-प्रशासन चाहता तो उसे समय रहते संभाला जा सकता था. सरकार 403 करोड़ रुपये मूर्तियों के संरक्षण और निर्माण पर खर्च करने की बात कर रही है, लेकिन मेरा कहना है कि सरकार विकास कार्य ज़रूर करें लेकिन अंबेडकर और अन्य महापुरुषों की मूर्तियों का समुचित संरक्षण भी सुनिश्चित करें.
श्रमिकों के प्रदर्शन को लेकर साधा निशाना
नोएडा में श्रमिकों के प्रदर्शन पर उन्होंने कहा कि मजदूर सड़कों पर उतरने को मजबूर हुए क्योंकि उनसे वेतन वृद्धि का वादा किया गया था जो पूरा नहीं हुआ. अब कार्रवाई के नाम पर लगभग 300- 400 लोगों को हिरासत में लिया गया है. ये लोग अपने परिवारों के लिए कमाने गए थे, लेकिन अब उनके परिवार उन्हें ढूँढ रहे हैं. पुलिस ने महिलाओं-पुरुषों के साथ मारपीट की. लात, डंडे, थप्पड़ तक मारे गए जो बेहद चिंताजनक है.
लखनऊ की झुग्गियां में आग पर चंद्रशेखर आज़ाद ने कहा कि सरकार को तुरंत नुकसान का आंकलन कर पीड़ितों को उचित मुआवजा और रहने की व्यवस्था उपलब्ध करानी चाहिए. उन्होंने कहा कि मैं कोई नेता नहीं हूं, मैं एक सामाजिक कार्यकर्ता हूं. हमारी पार्टी डॉ. अंबेडकर के सपनों और विचारधारा को आगे बढ़ाने का काम कर रही है. आज हर तबके का प्यार आसपा को मिल रहा है.
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Source: IOCL


























