लोकसभा में मंगलवार (28 जुलाई) को पब्लिक एग्जामिनेशंस (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा के दौरान नगीना सांसद और आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद ने नीट पेपर लीक और छात्र आंदोलन का मुद्दा उठाया. सदन में नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि इस आंदोलन में सरकार ने जनरल डायर की तरह गोलियां नहीं चलवा पाई, बाकी सब कुछ हुआ.
नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद ने कहा छात्रों पर लाठी चली, आंसू गैस के गोले चले, पेलेट गन चली, बिहार में तो AK-47 चली, करंट लगाया गया. ऐसा लग रहा था सरकार अपने देश के छात्रों से नहीं बल्कि आतंकवादियों से लड़ रही है. उन्हें देखकर मुझे शहीद आजम सरदार भगत सिंह जी की भूख हड़ताल याद आई और मुझे आज भी याद है जब अंग्रेजों से वो पानी मांग रहे थे तो अंग्रेज दूध दे रहे थे. इन्हें उस दिन पानी नहीं मिला, उल्टा लाठियां मिली, आंसू गैस के गोले मिले.
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चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि अच्छा लगेगा अगर देश के प्रधानमंत्री जिन बच्चों ने आत्महत्या की है उनके परिवारों को बुला के संबल दें उनके दुख को सुनें. आज देश का छात्र पूछ रहा है क्या उसकी सफलता उसकी की मेहनत तय करेगी या पेपर लीक गिरोह तय करेगा. कहा जाता है कि मेहनत का फल मीठा होता है लेकिन आज छात्र पूछ रहा है कि पहले यह तो तय कर कर दीजिए कि मेहनत का फल मिलेगा भी या नहीं मिलेगा. वह किताब से कम और मोबाइल के नोटिफिकेशन से ज्यादा डरता है. कहीं फिर से पेपर लीक परीक्षा रद्द या दोबारा परीक्षा खबर ना आ जाए.
नगीना सांसद ने कहा कि सरकार कहती है सब नियंत्रण में है लेकिन अगर ऐसा है तो बार-बार व्यवस्था फिर विफल क्यों हो रही है? परीक्षा देने वाले छात्रों की पहचान आधार, बायोमेट्रिक और कई स्तर की जांच से होती है. फिर भी प्रश्न पत्र सुरक्षित नहीं रह पाता, यदि लाखों छात्र छात्रों की पहचान सुरक्षित की जा सकती है तो प्रश्न पत्र की सुरक्षा क्यों नहीं की जा सकती? पिछले कुछ सालों में नीट, यूजीसी नेट, सीयूटी, JEE, यूपी पुलिस कांस्टेबल, यूपीपीसीएस, यूपीटेट के पेपर लीक हुए हैं.
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