उत्तर प्रदेश की लोकसभा सीट नगीना से सांसद और आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत के वीर सावरकर के भारत रत्न दिए जाने वाले बयान प्रतिक्रिया दी है. नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि कि देश में अभिव्यक्ति की आजादी है और कोई भी किसी के लिए पुरस्कार की मांग कर सकता है, लेकिन मोहन भागवत की स्थिति अलग है. 

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चंद्रशेखर आजाद ने तंज कसते हुए कहा कि भागवत सरकार के मालिक जैसे हैं, ऐसे में उन्हें किसी मांग की जरूरत ही क्या है, वे कह देंगे तो भला कौन मना करेगा. चंद्रशेखर आजाद ने आगे कहा कि देश की आजादी और सामाजिक बदलाव की लड़ाई में किसका कितना योगदान रहा है, यह इतिहास में दर्ज है और किसी से छिपा नहीं है. उन्होंने दोहराया कि उनकी पार्टी लंबे समय से बहुजन नायक मान्यवर कांशीराम को भारत रत्न दिए जाने की मांग कर रही है. कांशीराम ने देश की राजनीति और सामाजिक चेतना को नई दिशा दी और वंचित समाज को संगठित करने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई.

वहीं नगीना सांसद ने 1857 की क्रांति के नायक कोतवाल धन सिंह गुर्जर को भी भारत रत्न देने की मांग दोहराई. उन्होंने कहा कि ऐसे वीरों और महापुरुषों को उचित सम्मान न देकर सरकार उन वर्गों का अपमान कर रही है, जिनसे ये महापुरुष जुड़े रहे. वहीं चंद्रशेखर आजाद ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि समाज इस उपेक्षा को बर्दाश्त नहीं करेगा. उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने इन महान हस्तियों को सम्मान देने की मांग पर ध्यान नहीं दिया तो जनता लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देगी. हमारे लोग यह अपमान सहन नहीं करेंगे और वोट की ताकत से इसका बदला लेंगे.

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