Russia Ukraine Conflict: उत्तर प्रदेश के जनपद मुजफ्फरनगर निवासी अब्दुस समद मंगलवार देर रात अपने वतन लौट आया है. अब्दुस समद ने अपने परिवार के बीच सही सलामत लौटने पर बताया कि वह यूक्रेन से बस और कैब का सहारा लेकर रोमानिया बॉर्डर पर पहुंचे थे. रात भर माइनस तापमान में रात गुजारी. किसी ने यहां कोई मदद नहीं की. सभी साथियों ने खुद ही बस का किराया दिया और अपने खर्च पर बॉर्डर आये. उन्होंने बताया कि रात में भारतीय विमान से वे दिल्ली के लिए रवाना हुए थे. मुंबई विमान उतरा और अब दिल्ली आये हैं.
यूक्रेन और रूस के बीच जारी है जंग
यूक्रेन और रूस के बीच जंग जारी है. इस बीच वहां फंसे भारतीयों की वापसी का अभियान तेजी से चल रहा है. भारतीय दूतावास की मदद से यूक्रेन में रहने वाले लोगों को वापस लाया जा रहा है. यूक्रेन में एक भारतीय छात्र की मौत हुई है. अभी भी सैकड़ों की तादाद में भारतीय छात्र वहां फंसे हैं. अभी भी इसके लिए विमान कंपनियां उड़ानें संचालित कर रहीं हैं. मंगलवार की सुबह को यूक्रेन में फंसे कई छात्र एक बस और कुछ कैब के जरिये रोमानिया पहुंच गए.
अब्दुस समद एमबीबीएस के हैं स्टूडेंट
एसएसपी कार्यालय में तैनात तहसीन अली के बेटे अब्दुस समद एमबीबीएस के स्टूडेंट हैं. उन्होंने बताया कि रूस और यूक्रेन के बीच जंग में सब कुछ बर्बाद हो गया. चारों तरफ खौफनाक मंजर है. अब्दुस समद ने बताया कि रास्ते में जगह-जगह लाशें बिखरी थीं और रूसी सेना की कार्रवाई के बाद नजारा वीभत्स था. बम बारूद की गंध से हवा में सांस लेना मुश्किल था. छात्रों ने दहशत की अलग-अलग कहानी बयां की है. बाकि सभी लोगों के साथ हम सब भारतीय छात्र भी सुरक्षित स्थान पर थे. अभी भी बहुत लोग बंकरो में छिपे हैं. जिसको जैसे यूक्रेन से निकलने का मौका मिल रहा है वो निकल रहा है.
जब धमाका होता है तो तेज हो जाती हैं धड़कनें
मेडिकल छात्र ने बताया कि जब कोई जोर का धमाका होता था तो हमारी धड़कनें तेज हो जाती थी. लगता है कि कहीं ये लड़ाई की आंच हम तक ना पहुंच जाए. हम नहीं जानते की आगे क्या होगा. अब अपने वतन आ गये हैं बस इससे बड़ा खुदा का करम क्या हो सकता है. उन्होंने कहा की अभी उनके कई दोस्त वही फंसे हैं. उनके निकलने के लिए प्रयास जारी है. वंही बेटे के घर लौटने पर उनके पिता और मां काफी खुश हैं.
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