अगर आप दुपहिया वाहन चालक हैं और बिना हेलमेट हाईवे पर चढ़ने की सोच रहे हैं, तो सावधान हो जाइए. मुजफ्फरनगर पुलिस ने साफ शब्दों में कह दिया है. अब बिना हेलमेट हाईवे पर एंट्री नहीं मिलेगी. दरअसल, बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं और हाल ही में हुए दर्दनाक हादसे को देखते हुए मुजफ्फरनगर पुलिस ने एक विशेष दुपहिया वाहन चेकिंग अभियान शुरू किया है. इस अभियान के तहत सोमवार शाम से पुलिस सड़कों पर उतर चुकी है और बिना हेलमेट चलने वाले बाइक सवारों को हाईवे पर चढ़ने से रोका जा रहा है.

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यह अभियान एसएसपी संजीव कुमार वर्मा के निर्देशन में दो चरणों में चलाया जा रहा है. पहले चरण में पुलिस लोगों को समझा रही है और चेतावनी दी जा रही है कि बिना हेलमेट हाईवे पर एंट्री नहीं मिलेगी. दूसरे चरण में नियम तोड़ने वालों पर चालान और वाहन सीज जैसी सख्त कार्रवाई की जाएगी.

66 चेकपॉइंट पर एक साथ चेकिंग

नगर क्षेत्र में दिल्ली-देहरादून और मेरठ-हरिद्वार नेशनल हाईवे पर कुल 66 पॉइंट चिन्हित किए गए हैं, जहां एक साथ चेकिंग की जा रही है. आज अभियान के दौरान कई दुपहिया वाहन चालकों को बिना हेलमेट होने पर हाईवे पर नहीं चढ़ने दिया गया और उन्हें वापस भेज दिया गया. पुलिस का कहना है कि कोहरे और ठंड के मौसम में हेलमेट न पहनना जानलेवा साबित हो सकता है. हाल ही में नई मंडी कोतवाली क्षेत्र में हुए सड़क हादसे में भी बाइक सवार ने हेलमेट नहीं पहना था, जिसमें एक ही परिवार के तीन लोगों की जान चली गई थी.

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SP सिटी ने बताया अभियान का उद्देश्य

एसपी सिटी सत्यनारायण प्रजापत ने बताया कि जनपद मुजफ्फरनगर में वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशानुसार सड़क सुरक्षा के संबंध में "नो हेलमेट, नो हाईवे" अभियान चलाया जा रहा है. उन्होंने कहा, "जो भी बाइक राइडर्स बिना हेलमेट के हाईवे की ओर जा रहे हैं या वापस आ रहे हैं, उनको यह बताया जाएगा कि अगर वे हेलमेट लगाकर चलते हैं तो एक्सीडेंट होने की संभावना कम हो जाती है. और अगर एक्सीडेंट हो भी जाता है तो उसमें उनके जीवन खत्म होने की संभावना काफी कम हो जाती है."

पहले चरण में नहीं होगा चालान

एसपी सिटी ने स्पष्ट किया कि पुलिस द्वारा इसको एक जन जागरूकता के रूप में एक अभियान चलाया जा रहा है. इसमें पुलिस पहले चरण में किसी भी व्यक्ति का चालान नहीं करेगी. "बस उनको समझाया जाएगा कि अगर आप घर से निकलकर हाईवे की तरफ जा रहे हैं तो आपसे निवेदन है कि आप अपने घर वापस जाइए और अपना हेलमेट लगाकर आएं. इसके बाद आपको यहां जाने दिया जाएगा," उन्होंने कहा.

7 दिन बाद सख्त कार्रवाई

प्रथम चरण 7 दिन तक चलेगा. उसके बाद भी अगर इसका उल्लंघन होता है तो फिर जो भी नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई है, चाहे वह चालान की हो या उल्लंघन पाए जाने पर बाइक सीज की हो, वह भी अमल में लाई जाएगी. जागरूकता के लिए फ्लेक्सी बैनर भी लगाए गए हैं. एसपी सिटी ने कहा, "पुलिस एक सीमित समय तक रोड पर खड़े होकर चेकिंग कर सकती है, लेकिन जो फ्लेक्सी बोर्ड, साइरन बोर्ड होते हैं, वह 24×7 वहां रहकर एक मैसेज दे सकते हैं. इसलिए बैनर भी लगवाए जा रहे हैं."

अन्य एजेंसियों के साथ समन्वय

पुलिस प्रशासन और अन्य संबंधित एजेंसियों का लक्ष्य है कि एक्सीडेंट की संख्या में कमी लाई जाए और अगर एक्सीडेंट हो भी तो उसमें मरने की संख्या कम से कम की जा सके. इस संबंध में NHAI और राजस्व विभाग के साथ भी समन्वय स्थापित किया गया है. शहर क्षेत्र में मेरठ-देहरादून हाईवे और मेरठ-हरिद्वार हाईवे पर कुल 66 स्थान चिन्हित किए गए हैं, जो रास्ते गांव-देहात से निकलकर शहर से निकलकर लिंक मार्ग के जरिए हाईवे की ओर जाते हैं. प्रथम चरण में इन 66 स्थानों पर एक साथ चेकिंग कराई जा रही है.

यह अभियान सड़क सुरक्षा और जीवन रक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो बाइक सवारों को हेलमेट पहनने के महत्व के प्रति जागरूक करने का प्रयास कर रहा है.