उत्तर प्रदेश के जनपद मुजफ्फरनगर में उस वक्त हंगामा मच गया, जब विकास प्राधिकरण (एमडीए) ने नगर कोतवाली क्षेत्र में करीब 172 बीघा जमीन पर बनी अवैध कॉलोनी पर बुलडोजर चला दिया. इस कार्रवाई में नवनिर्माणधीन मकानों समेत कई निर्माण ध्वस्त कर दिए गए.

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कार्रवाई के दौरान पीड़ित महिला हुई बेहोश और आत्महत्या की दी धमकी

कार्रवाई के दौरान स्थानीय लोगों ने इसका जमकर विरोध किया. हंगामे के बीच एक पीड़ित महिला बेहोश हो गई, जिसने विकास प्राधिकरण (एमडीए) को आत्महत्या की चेतावनी भी दी. इसके बावजूद एमडीए की कार्रवाई लगातार जारी ही रहीं. स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्हें कोई नोटिस नहीं दिया गया. वहीं जमीन को पहले अवैध नहीं बताया गया था, अब जब जमीन का बैनामा भी हो चुका है, तो वे ऐसे में कहां जाएं?

इस पर एमडीए अधिकारियों का कहना है कि अवैध निर्माण पहले ही चिह्नित किए गए थे. सभी लोगों को सुनवाई का मौका भी दिया गया था. इसके बाद मुकदमा दर्ज कर नियमों के तहत ही अवैध निर्माणों का ध्वस्तीकरण किया गया है. इसी दौरान एक तेल गोदाम समेत कई निर्माणों को सील भी किया गया. इस पर एक पीड़ित महिला ने भावुक होकर कहा कि- 'अगर अवैध था तो पहले बताते… अब बैनामा भी हो चुका है… मैं तो अब हार मान गई हूं…'

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कुल 23 मामले चिह्नित किए गए चिह्नित

एमडीए सचिव कुंवर बहादुर सिंह ने बताया कि यह कार्रवाई जोन-4, काली नदी के पास की जा रही है. जहां कुल 23 मामले चिह्नित किए गए और विकास प्राधिकरण (एमडीए) ने नगर कोतवाली क्षेत्र में करीब 172 बीघा जमीन पर बनी अवैध कॉलोनी पर बुलडोजर चला दिया. 

इसके लिए 3 टीमें और 6 जेसीबी मौके पर पहुंचे थे. इसके बाद शाम तक इस पूरी कार्रवाई का प्रेस नोट भी जारी कर दिया गया था. वहीं खाली कराई गई संपत्तियों की कीमत करोड़ों रुपये में बताई गई है.