उतर प्रदेश के जनपद मुज़फ्फरनगर में वेलेंटाइन वीक से पहले क्रांति सेना ने सख्त रुख अपनाया है. संगठन की महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष पूनम चौधरी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने कार्यालय पर एकत्र होकर ‘लाठी पूजन’ किया और वेलेंटाइन डे से जुड़े आयोजनों का विरोध किया. संगठन की इस चेतावनी में प्रेमी जोड़ों और होटल संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है.लेकिन अभी कहीं इस तरह का हंगामा नहीं देखने को मिला है.

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क्रांति सेना ने होटल, रेस्टोरेंट और सार्वजनिक स्थलों पर वेलेंटाइन डे, किस डे, रोज़ डे और चॉकलेट डे जैसे कार्यक्रम न कराने की चेतावनी दी है. संगठन का दावा है कि उनके पदाधिकारियों ने शहर के होटल और रेस्टोरेंट संचालकों को लिखित चेतावनी पत्र सौंपे हैं.

14 फरवरी को लेकर चेतावनी

पूनम चौधरी ने कहा कि यदि 14 फरवरी को किसी सार्वजनिक स्थान पर प्रेमी युगल ‘संदिग्ध हालत’ में पाए गए तो संगठन कार्रवाई करेगा. उन्होंने यह भी कहा कि 14 फरवरी को पुलवामा आतंकी हमले में शहीद जवानों की याद में दिन को ‘ब्लैक डे’ के रूप में मनाया जाना चाहिए. संगठन ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से अपील की कि वेलेंटाइन डे के बजाय 14 फरवरी को श्रद्धांजलि दिवस घोषित किया जाए.कठोर बयान और चेतावनियों के बाद मामले को लेकर प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं. क्रांति सेना का कहना है कि चेतावनी के बावजूद यदि कार्यक्रम हुए तो इसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी.

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पुलिस-प्रशासन की प्रतिक्रिया नहीं

इस तरह धमकी के मामले में अभी तक मुजफ्फरनगर पुलिस की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है. जबकि कई संगठन प्रेमी युगलों को खुलेआम धमका रहे हैं. इससे पहले कई जगह इस दिन हिंसा की भी खबरें आती हैं, बावजूद इसके स्थानीय पुलिस प्रशासन द्वारा होटल और रेस्टोरेंट्स में सुरक्षा को लेकर कोई गाइड-लाइन नहीं है. यहां बता दें कि शहर में क्रांति सेना हर साल वेलेंटाइन वीक में इस तरह का कार्यक्रम आयोजित करती है. कई बार हंगामा भी हुआ है.