यूपी के मुजफ्फरनगर में दिल्ली-पौड़ी राजमार्ग पर न्यू लक्की शुद्ध भोजनालय पर कल कांवड़ियों और ढाबा संचालको के बीच ढाबे के नाम को लेकर बहस हुई थी जिसमे कांवड़ियों ने ढाबा संचालक पर नाम छुपा कर ढाबा चलाने का आरोप लगाया था. घटना के बाद आज जब एबीपी न्यूज़ की टीम ढाबे पहुंची तो हमने देखा कि ढाबे पर लगा हुआ बोर्ड बदल दिया गया है और अब बोर्ड पर ढाबा संचालक मोहम्मद फैजान का नाम भी लिख दिया गया है.

जानकारी के मुताबिक कल रविवार को दोपहर 3 बजे के आसपास कांवड़ियों की एक बस लक्की शुद्ध भोजनालय नाम के ढाबे पर रुकी, तो यात्रियों ने भोजन करना शुरू किया, तभी किसी ने यह जानकारी दी कि ढाबा एक मुस्लिम युवक फ़ैज़ान का है, इसके बाद कांवड़ियों और ढाबा संचालक के बीच बहस शुरू हो गई और विवाद का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें कांवड़ियों से पूछा जा रहा है 'क्या आपको पता नहीं था कि यह मुस्लिम युवक का ढाबा है?' इस पर कांवड़ियों ने जवाब दिया कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी और बोर्ड पर भी कहीं नाम नहीं लिखा था. वीडियो में कांवड़ियों की ओर से लगातार यह मांग की जा रही थी कि ढाबे पर असली नाम लिखा जाए, ताकि ग्राहकों को स्पष्ट जानकारी रहे कि यह किसका भोजनालय है.

पुराना बोर्ड हटाकर लगाया अब नया बोर्ड आज सोमवार को जब एबीपी न्यूज़ की टीम जब घटनास्थल पर पहुंची तो देखा गया कि लक्की शुद्ध भोजनालय पर लगा पुराना बोर्ड हटा दिया गया है अब जो नया बोर्ड लगाया गया है, उसमें ढाबा संचालक फ़ैज़ान का नाम साफ-साफ लिखा गया है और जिस ढाबे पर विवाद हुआ था उसके बोर्ड पर भी लक्की शुद्ध भोजनालय की जगह न्यू लक्की शुद्ध भोजनालय लिखा हुआ है. ढाबा संचालक फ़ैज़ान का कहना है कि पहले जो बोर्ड था जिस पर संचालक का नाम ना लिखे होने का विवाद था वह एक कोल्ड ड्रिंक कंपनी का विज्ञापन बोर्ड था जिसमें कंपनी की ओर से ढाबा संचालक का नाम नहीं लिखा जाता, वहीं, दुकान के भीतर हमेशा से FSSAI का प्रमाण पत्र लगा हुआ है, जिस पर मालिक का नाम स्पष्ट है.

फ़ैज़ान ने एबीपी न्यूज़ से बात करते हुए दावा किया कि रविवार की घटना पूर्व नियोजित थी और उनके मुताबिक़ पास के ही रहने वाले एक युवक ने जानबूझकर कांवड़ियों को उकसाया और कहा कि यह होटल मुसलमान का है जिससे विवाद शुरू हुआ साथ ही ढाबे के कर्मचारियों ने भी आरोप लगाया कि विवाद युवक की उकसावे की वजह से ही हुआ जिसके लिए फ़ैज़ान ने सीसीटीवी फुटेज भी एबीपी न्यूज़ को दिखाया और आरोप लगाया कि युवक कांवड़ियों से बात करता दिख रहा है.

एक ही परिवार के हैं दो ढाबेये तो रहा आरोप प्रत्यारोप लेकिन एबीपी न्यूज़ की टीम जब मौके पर पहुंची तो हमने पाया की दिल्ली-पौड़ी हाईवे पर दो ढाबे आसपास मौजूद हैं और एक ही परिवार के हैं. एक का नाम है लकी शुद्ध शाकाहारी ढाबा और दूसरे का न्यू लकी शुद्ध शाकाहारी ढाबा. कल जब विवाद हुआ था तब दोनों ही ढाबों पर एक ही नाम नाम के बोर्ड लगे थे और लिखा था ‘लक्की शुद्ध शाकाहारी ढाबा’. 

जहाँ पहले ढाबा पर लक्की शुद्ध शाकाहारी ढाबा के साथ साथ संचालक मोहम्मद गुलशाद का नाम लिखा था, जबकि ‘न्यू लकी शुद्ध शाकाहारी ढाबा’ के बोर्ड पर सिर्फ़ लक्की शुद्ध शाकाहारी ढाबा लिखा था संचालक का नाम नहीं. हालांकि ढाबे के अंदर FSSAI सर्टिफिकेट जरूर लगा था, जिस पर फ़ैज़ान का नाम दर्ज था. ऐसे में ज़रूरत यही है की स्थानीय पुलिस और प्रशासन भी ढाबा संचालकों से बातचीत करें जिससे ऐसी स्थिति दोबारा ना आ पाए और कोई अपनी राजनीति की वजह से हिंसा ना करा दे.