उतर प्रदेश के जनपद मुजफ्फरनगर के भोपा थाना क्षेत्र के गांव मोरना में सोमवार को हुई दलित किसान रामप्रसाद (60) की नृशंस हत्या का पुलिस ने मात्र 2 घंटे के भीतर चौंकाने वाला खुलासा कर दिया है. पिता द्वारा बेटा-बेटी में फर्क करने और घर में रहने पर बार-बार ताने मारने से क्षुब्ध होकर उनकी दो बेटियों ने ही मिलकर इस रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात को अंजाम दिया. पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त खून से सना चाकू और कपड़े बरामद कर दोनों आरोपी बहनों को गिरफ्तार कर लिया है.

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जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह रामप्रसाद का शव उनके घर में खून से लथपथ हालत में मिला था. हमलावरों ने बड़ी बेरहमी से उनका गला रेता था और पेट पर भी चाकू से कई वार किए थे. एसपी ग्रामीण आदित्य बंसल के नेतृत्व में पहुंची पुलिस, एसओजी और फील्ड यूनिट ने जब घर के सदस्यों से गहन पूछताछ की, तो मृतक की 32 वर्षीय बेटी कोमल और 16 वर्षीय नाबालिग छोटी बेटी के बयानों में विरोधाभास मिला. कड़ाई से पूछताछ करने पर दोनों बहनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया.

पिता अक्सर कसता था ताने

आरोपी बेटियों ने पुलिस को बताया कि उनके पिता अक्सर उन पर तंज कसते थे कि वे घर पर खाली बैठी हैं और उनकी शादी न होने से समाज में बदनामी हो रही है. पिता की इस रोज-रोज की 'रोका-टोकी' और अपमानजनक तानों से परेशान होकर दोनों बहनों ने 2 दिन पहले ही हत्या की योजना बना ली थी. रविवार देर रात जब पिता से फिर कहासुनी हुई, तो आवेश में आकर दोनों ने उन पर चाकू से हमला कर उन्हें मौत के घाट उतार दिया. वारदात के बाद उन्होंने खून से सने कपड़े और चाकू को एक पोटली में बांधकर भूसे के ढेर में छिपा दिया था, जिसे पुलिस ने उनकी निशानदेही पर बरामद कर लिया है.

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दोनों बहनों मिलकर की पिता की हत्या

एसपी ग्रामीण आदित्य बंसल ने बताया कि बड़ी बेटी कोमल (32) और उसकी नाबालिग बहन, जो इंटर की छात्रा है, दोनों ने मिलकर इस हत्याकांड को अंजाम दिया. पुलिस ने हत्या का सफल अनावरण करते हुए दोनों को हिरासत में ले लिया है. बड़ी बेटी को जेल भेजा जा रहा है, जबकि नाबालिग को बाल सुधार गृह भेजने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है. इस घटना ने रिश्तों की मर्यादा को तार-तार कर पूरे जनपद को स्तब्ध कर दिया है.