उत्तर प्रदेश में भारी बारिश का क़हर देखने को मिल रहा है, बारिश की वजह अमरोहा और मुज़फ़्फ़रनगर में बड़े हादसे हो गए, जहां अमरोहा में निर्माणाधीन घर गिरने से बुजुर्ग महिला समेत तीन की मौत हो गई तो वहीं अमरोहा में भी दो अलग-अलग हादसों में एक मासूम की मौत हो गई जबकि आठ लोग घायल हो गए.
अमरोहा में बीते दो दिनों से भारी बारिश का सिलसिला जारी है, जिसके चलते यहां के सैदनगली थाना क्षेत्र के ताजपुर गांव में बड़ा हादसा हो गया. जहां निर्माणाधीन मकान का ताजा डाला गया लेंटर अचानक भरभराकर गिर गया. हादसे के वक्त परिवार के लोग लेंटर के नीचे बैठकर खाना खा रहे थे, तभी अचानक पूरी छत भरभराकर नीचे गिर पड़ी.
निर्माणाधीन मकान की छत गिरने से हादसा
इस दर्दनाक हादसे में मां और एक साल के मासूम बेटे समेत एक बुजुर्ग महिला की मलबे में दबकर मौत हो गई. जबकि, तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और राहत बचाव दल मौके पर पहुंचा. जेसीबी की मदद से मलबा हटाकर घायलों को बाहर निकाला गया और अस्पताल में भर्ती कराया गया. पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है.
मुजफ्फरनगर में दो जगह हुए हादसे
वहीं पश्चिमी यूपी के ही मुजफ्फरनगर में भी लगातार हो रही बारिश ने बुढाना तहसील में दो अलग-अलग हादसे हो गए. जिसमें एक मासूम बच्ची की दर्दनाक मौत हो गई जबकि आठ लोग घायल हो गए. पहला हादसा सुबह करीब 7 बजे बुढ़ाना तहसील के हुसैनपुर कला गांव में हुआ, जहां बबलू नामक ग्रामीण के कच्चे मकान की छत अचानक भरभराकर गिर गई.
इस हादसे में बबलू, पत्नी सायमा, 13 साल का बेटा अदनान, 9 साल की बेटा हमजा और एक साल का बेटा लुकमान मलबे में दबकर घायल हो गए. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से सभी को मलबे से बाहर निकालकर अस्पताल भिजवाया.
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मकान की छत गिरने से बच्ची की मौत
इसके कुछ घंटों बाद शाम करीब 4 बजे बुढ़ाना क्षेत्र के ही हबीबपुर सीकरी गांव में दूसरा हादसा हुआ. यहां विकास नामक ग्रामीण के मकान की छत गिर गई. इस हादसे में उनकी पत्नी संगीता, 9 वर्षीय बेटा अक्कीपाल और 2 वर्षीय बेटी दिव्या भारती घायल हो गए. जबकि, एक साल की मासूम सानवी की मलबे में दबने से दर्दनाक मौत हो गई.
एसडीएम बुढ़ाना सत्येंद्र कुमार सिंह ने ख़राब मौसम को देखते हुए लोगों से अपील की है कि वो बारिश की स्थिति में कच्चे और जर्जर निर्माण से दूर रहे. ऐसी स्थिति में कोई भी हादसा हा सकता है. प्रशासन की ओर से गांव में प्रधानों के माध्यम से व्यवस्था की गई है. अगर किसी को आवश्यकता है तो हम उसके रहने का प्रबंध करेंगे. लोग सुरक्षित स्थानों पर रहें.
मुजफ्फरनगर से अभिषेक चौधरी और अमरोहा से मोहम्मद हरीश की रिपोर्ट
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