Uttarakhand News: उत्तराखंड के मसूरी में अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी है. एसडीएम नरेश चंद्र दुर्गापाल के नेतृत्व में मसूरी माल रोड, मसूरी घंटाघर और गांधी चौक पर सड़क किनारे के अतिक्रमण को हटाया गया. वहीं मसूरी के विभिन्न क्षेत्रों में हो रखे अतिक्रमण को भी जेसीबी के माध्यम से हटाया गया. इस मौके पर एसडीएम मसूरी और अतिक्रमणकारियों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई परंतु एसडीएम मसूरी ने किसी की नहीं सुनी और अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई देर शाम तक जारी रखा. लोगों का कहना है कि नगर पालिका द्वारा पूर्व में हवाघर के आसपास दिए गए दुकानों की रसीद काट कर किराया लिया जाता रहा है. ऐसे में उनको बिना नोटिस दिए हटाया जाना उचित नहीं है. 

व्यापार मंडल अध्यक्ष ने क्या कहामसूरी व्यापार मंडल अध्यक्ष रजत अग्रवाल द्वारा भी मुख्यमंत्री पोर्टल पर अधिशासी अधिकारी यूडी तिवारी के खिलाफ शिकायत कर कहा गया कि कई लोग कई सालों से नगर पालिका द्वारा दी गई दुकानों का किराया जमा करते हैं ऐसे में कई दुकानों को ध्वस्त कर दिया गया जो उचित नहीं है. उन्होंने पूरे मामले की जांच की मांग की है. उन्होंने कहा कि ऐसा लग रहा है कि षड्यंत्र के तहत मसूरी को उजाड़ा जा रहा है जो बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

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एसडीएम ने क्या कहामसूरी के एसडीएम नरेश चंद्र दुर्गापाल ने बताया कि, उनके द्वारा पूर्व में नगर पालिका परिषद, लोक निर्माण विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग और राजस्व के अधिकारियों द्वारा मसूरी नगर पालिका क्षेत्र के अंतर्गत सरकारी भूमि और सड़क किनारे हो रखे कब्जों को चिन्हित कराया गया. सभी अतिक्रमणकारियों को अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिये गए जिसके बाद अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई की गई. उन्होंने कहा कि सरकारी संपत्ति पर किसी भी हाल में अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

वहीं नगर पालिका के पास ऐसा कोई अधिकार नहीं है कि हवाघरों और सड़क किनारे किए गए अतिक्रमण को लेकर किराये की रसीद काटी जाये. एसडीएम ने कहा कि जो भी नियम विरुद्ध होगा उसपर कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि कुछ लोगों ने शिकायत की है कि नगर पालिका द्वारा पूर्व में प्रशासन द्वारा मसूरी जीरो प्वाइंट और किक्रेंग पेट्रोल पंप के पास सड़क किनारे के अतिक्रमण को हटाया गया था और उसी स्थान पर नगर पालिका प्रशासन द्वारा अनाधिकृत रूप से दुकानों का निर्माण कर उनको आवंटन करने का कार्य किया जा रहा है. 

एसडीएम मसूरी पूरे मामले की जांच कर रहे हैं और नगर पालिका प्रशासन द्वारा सड़क किनारे अतिक्रमण हटाने की मांग की है. एसडीएम मसूरी ने कहा, मसूरी एक ऐतिहासिक पर्यटक स्थल है और इसकी खूबसूरती को बनाए रखना सभी नागरिकों की जिम्मेदारी है. इस पर किसी प्रकार की राजनीति नहीं होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि पर्यटन व्यवसाय को बढ़ावा देने के लिए सरकार और प्रशासन द्वारा मसूरी और मसूरी माल रोड खूबसूरत और सुंदर बनाया जाना है, जिसको लेकर सभी विभाग संयुक्त रूप से काम कर रहे हैं. वहीं मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण मालरोड के सौदंर्यकरण पर 3 करोड से अधिक रुपए खर्च कर रहा है.

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