मुख्तार अंसारी के चचेरे भाई मंसूर अंसारी को बड़ी राहत मिल गई है, जिला प्रशासन ने उनकी कुर्क हुई दुकान को रिलीज कर दिया है. इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के बाद ये कार्रवाई की गई है. बीती रात करीब 8:00 बजे मोहम्मदाबाद के तहसीलदार मौके पर पहुंचे और सभी दुकानों को रिलीज करते हुए सारे कागजात और दुकानों की चाबियां मंसूर अंसारी को सौंप दीं.
हाई कोर्ट ने काफी दिनों पहले ही मंसूर अंसारी की कुर्क की गई संपत्ति को रिलीज़ करने का आदेश दिया था. जिसके बाद रिलीज का आदेश लेकर मंसूर अंसारी तत्कालीन जिलाधिकारी अविनाश कुमार से मुलाक़ात भी की लेकिन, उनकी संपत्ति रिलीज नहीं हो पाई थी.
जिला प्रशासन ने रिलीज की दुकानें
बुधवार को जिला प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए उनकी सभी दुकानों को रिलीज़ कर दिया. बीती रात ही मोहम्मदाबाद के तहसीलदार वहां पहुचे और सभी दुकानों को रिलीज़ करते हुए काग़ज़ात मंसूर अंसारी के हवाले कर दिए. प्रशासन की इस कार्रवाई पर मंसूर अंसारी ने खुशी जताई और वर्तमान जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला के कार्यों की सराहना भी की है.
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जानें क्या है पूरा मामला?
दरअसल साल 2023 में मुख़्तार अंसारी के भाई मंसूर अंसारी की गाजीपुर के मोहम्मदाबाद स्थिति 18 दुकानों को जिलाधिकारी के निर्देश पर गैंगस्टर की कार्रवाई करते हुए कुर्क कर लिया गया था. जिसके बाद मंसूर अंसारी ने जमीन की कुर्की को लेकर गाजीपुर न्यायालय और फिर इलाहाबाद हाईकोर्ट में शरण ली थी.
इस मामले में कई दिनों तक चली सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने मार्च 2026 में ही गाज़ीपुर डीएम के कुर्की के आदेश को रद्द करते हुए गैंगस्टर एक्ट के तहत कुर्क की गई सभी दुकानों को तत्काल प्रभाव से रिलीज़ करने के आदेश दिए थे. कोर्ट ने तमाम दस्तावेजों की जांच के बाद ये माना कि इन सभी दुकानों को अवैध संपत्ति से अर्जित नहीं किया गया था. इसी आधार पर कुर्की के आदेश को रद्द किया गया.
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