यूपी के मुरादाबाद में तेंदुए का खौफ लगातार बढ़ता जा रहा है. ताजा मामला कांठ थाना क्षेत्र के दरियापुर गांव का है. यहां शनिवार शाम करीब साढ़े पांच से 6 बजे के बीच गन्ने के खेत पर अपने माता-पिता के साथ गए 3 साल के मासूम हर्ष पर  तेंदुए ने हमला कर दिया. हालांकि, बच्चे के पिता ने अपनी जान की परवाह किए गए बगैर तेंदुए से भिड़कर अपने बच्चे की जान बचाई.

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बताया जा रहा है कि हर्ष अपने माता-पिता सुनील कुमार और विमलेश के साथ खेत पर काम करने गया था. खेत के पास पहले से घात लगाए बैठे तेंदुए ने मौका मिलते ही बच्चे पर हमला कर दिया. बच्चे की चीख सुनते ही माता-पिता के होश उड़ गए, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी. हाथ में मौजूद औजार से तेंदुए के मुंह पर वार किया और किसी तरह अपने बच्चे को उसके जबड़े से छुड़ा लिया. हालांकि तब तक बच्चा गंभीर रूप से घायल हो चुका था.

प्राथमिक उपचार के बाद मेरठ किया गया रेफर

परिजन बच्चे को तुरंत जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक इलाज के बाद हालत गंभीर देखते हुए मेरठ के हायर सेंटर रेफर कर दिया. इस घटना के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल है. ग्रामीणों का कहना है कि अब बच्चों को घर से बाहर भेजना भी डरावना हो गया है. खेतों और जंगल के आसपास जाना तो और भी मुश्किल हो गया है.

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एक महीने में चौथी वारदात से हड़कंप

चौंकाने वाली बात यह है कि पिछले एक महीने में यह चौथा मामला है, जब तेंदुए ने किसी बच्चे पर हमला किया है. इससे पहले भी आसपास के गांवों में कई बार तेंदुआ दिखा और हमले की घटनाएं सामने आईं. वन विभाग की टीम ने कुछ तेंदुओं को पकड़कर जंगल में छोड़ा भी, लेकिन खतरा अभी भी टला नहीं है.

गांव में क्यों पहुंच जाते हैं तेंदुए?

वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि आसपास के जंगलों और नदी के रास्तों से तेंदुए गांव में आ जाते हैं. खासकर उत्तराखंड से सटे इलाकों और अमानगढ़-कालागढ़ के जंगलों से इनकी आवाजाही बनी रहती है. लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है.

फिलहाल ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि जल्द से जल्द इलाके में कार्रवाई की जाए और तेंदुए को पकड़ा जाए, ताकि इस तरह की घटनाओं पर रोक लग सके. वहीं इस पूरी घटना में माता-पिता की बहादुरी ने एक बड़ी अनहोनी को टाल दिया और उन्होंने अपने बच्चे को मौत के मुंह से वापस खींच लिया.