Moradabad News:फर्जी बिल ट्रेडिंग और बोगस फर्मों का खुलासा, करोड़ों की GST चोरी का मास्टरमाइंड दिल्ली से गिरफ्तार
UP News: करोड़ों रुपये की जीएसटी चोरी कर राज्य को भारी राजस्व नुकसान पहुंचाने वाले मास्टरमाइंड सुमित कुमार को एसआईटी (अपराध शाखा) ने दिल्ली से गिरफ्तार किया है.

एसआईटी (अपराध शाखा) मुरादाबाद ने करोड़ों रुपये की जीएसटी चोरी कर राज्य को भारी राजस्व नुकसान पहुंचाने वाले बड़े रैकेट का पर्दाफाश किया है. साथ ही इसके मास्टरमाइंड को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया गया है. आरोपी सुमित कुमार के पास से एक एंड्रॉइड मोबाइल फोन, सिम कार्ड, तीन लैपटॉप, एक पेन ड्राइव, 15 डेबिट/क्रेडिट कार्ड और 04 चेक बरामद किए गए हैं. बरामद दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से पूरे नेटवर्क के और बड़े खुलासे होने की संभावनाएं जताई जा रही हैं.
बताया गया कि जीएसटी सहायक आयुक्त, इनपुट राज्य कर समन्वय सेल ईकाई द्वितीय एवं पश्चिम मुरादाबाद की टीम की जांच में दो फर्में एक्सप्रो इंजीनियरिंग (GSTIN-09FQBP…1DZ3) सॉफ्ट इंटरप्राइजेज (GSTIN-09GZUPM…1CZP) फर्जी दस्तावेजों पर संचालित पाई गईं.
इन फर्मों के पंजीयन के दौरान 62–62 सीरीज के ईमेल और मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल किया गया जिनके जरिए करोड़ों रुपये की फर्जी बिलिंग और इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) पास किया गया. इससे सरकार को भारी आर्थिक नुकसान हुआ. इस मामले में थाना सिविल लाइन पर मुकदमा संख्या 838/2025, 839/2025 और 318/2025 दर्ज है, तकनीकी टीम की कार्रवाई मास्टरमाइंड दिल्ली से दबोचा गया.
दिल्ली से पकड़ा गया मुख्य आरोपी सुमित
अपराध शाखा की तकनीकी टीम ने जीएसटी अधिकारियों से मिले इनपुट के आधार पर फर्जी फर्मों से जुड़े ईमेल, मोबाइल नंबरों, बैंकिंग और दस्तावेजों की विस्तृत जांच की. लोकेशन ट्रेस करने के बाद मुख्य आरोपी सुमित कुमार पुत्र सुधीर कुमार, निवासी गली नं-08, दत्ता मंदिर, स्वरूप नगर, नार्थ वेस्ट दिल्ली को गिरफ्तार कर लिया गया.
पूछताछ में चौंकाना वाला खुलासा
सुमित ने बताया कि वह 2020 से 2023 के बीच फर्जी फर्मों का नेटवर्क तैयार करता था. आधार कार्ड, पैन कार्ड और मोबाइल नंबर किराए पर लेकर फर्जी फर्में खड़ी करता था. हर फर्म बनवाने के बदले 50,000 से 1 लाख रुपये तक कमीशन लेता था. करोड़ों रुपये का फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) पास करवाया गया, पंजीयन के लिए caxxxx23@gmail.com और 70XXXXXXXX सीरीज के नंबर इस्तेमाल करता था.
इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस व दस्तावेजों की जांच शुरू
आरोपी सुमित ने आगे बताया कि "वह फरार आरोपियों मोहम्मद ईकलखा मालिक,और इत्तेफात आलम उर्फ दानिश कबाड़ी को भी सेटअप उपलब्ध कराया था." आरोपी के पास से बरामद इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और दस्तावेजों की जांच से बड़े रैकेट के और चेहरे सामने आने की उम्मीद है.
मुरादाबाद के एसपी क्राइम सुभाष चंद्र गंगवार ने बताया कि जीएसटी चोरी से संबंधित पंजीकृत मुकदमों में एसआईटी की टीम ने महत्वपूर्ण कार्रवाई की है, तकनीकी विश्लेषण के बाद सुमित को गिरफ्तार किया गया है. इससे पहले अखलाक, आलम दानिश और जयपुर से जुड़े आरोपियों को भी टीम गिरफ्तार कर चुकी है. सुमित दिल्ली का रहने वाला है और फर्जी फर्में बनाने में माहिर है. इसके साथ दो–तीन लोग और जुड़े थे, जो आधार कार्ड, पैन कार्ड तथा अन्य दस्तावेज उपलब्ध कराते थे.
गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही पुलिस
उन्होंने बताया कि, यह बोगस फर्म तैयार कर उन्हें 25–30 हजार रुपये में उत्तर भारत के स्टेट में व 80 हजार से 1 लाख रुपये में साउथ इंडिया में बेच देता था. अब तक की जांच में सामने आया है कि दो वर्षों में इस नेटवर्क ने 500 से अधिक बोगस फर्में खड़ी करके करोड़ों रुपये की जीएसटी चोरी की है. अगली कार्रवाई पुलिस अब रैकेट के अन्य सदस्यों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है. डिजिटल फॉरेंसिक टीम भी सक्रिय कर दी गई है ताकि पूरे नेटवर्क और मनी ट्रेल का पता लगाया जा सके.
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Source: IOCL























