पूरे उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड पड़ रही है. ऐसे में उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में भी तापमान 9 डिग्री तक गिर चुका है, जिसने लोगों को ठिठुरने पर मजबूर कर दिया है. सर्द हवाओं के कारण ठंड का प्रकोप बढ़ता ही जा रहा है और यहां सड़क किनारे फुटपाथ पर सोने वाले बेसहारा और बेघर लोगों की हालत चिंताजनक है.

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वह ठंड से बचने के लिए रात में आग का सहारा ले रहे हैं और खुले आसमान के नीचे सोने को मजबूर हैं, हालांकि जिला प्रशासन और नगर निगम ने शहर में बेघर लोगों के लिए कई रैन बसेरे भी बनाए हैं और उनमें सुविधाएं भी हैं, लेकिन उसके बावजूद कुछ लोग सड़कों पर सो रहे हैं. 

बिना आईडी घुसने पर मनाही

फुटपाथ पर रहने वाले इन बेघर लोगों का आरोप है की उन्हें वहां रैन बसेरों में घुसने नहीं दिया जाता है और उन से आईडी मांगी जाती है. वहीं कुछ का कहना है की रैन बसेरा वाले उन्हें सुबह 5 बजे निकाल देते हैं. इसलिए वह यहाँ रोज़ी रोटी कमाने के लिए अपनी इच्छा से फुटपाथ पर रात गुजारते हैं. कोई राहगीर उन्हें लिहाफ कम्बल दे जाता है तो कोई उन्हें भोजन दे जाता है और इसी से उनका गुजारा हो जाता है.

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फुटपाथ पर आग के सहारे कटती है रात

लकड़ी और कूड़ाकरकट बटोर कर रात में आग जला कर हाथ पैर सेंकते रहते हैं और फिर यही फुटपाथ पर बिस्तर लगा कर सो जाते हैं.  कुछ के साथ में तो उनके बच्चे भी हैं. इनमे कोई पूर्वी यूपी का रहने वाला है तो कोई बिहार का रहने वाला है और दिन में रोज़ी रोटी की तलाश के बाद रात में यहाँ रेलवे स्टेशन के पास सड़क किनारे फुटपाथ पर आ सोते हैं. इन लोगों का कहना है की उनके पास रहने को घर नहीं है.

रैन बसेरे वाले व्यवस्थाओं से खुश

वहीं पास में एक रैन बसेरा भी है जो नगर निगम संचालित कर रहा हैं. यहाँ महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग अलग कक्ष हैं और यहाँ जो लोग रुके हुए हैं वह सरकार की तारीफ कर रहे हैं. रैन बसेरे के केयर टेकर का कहना है कि हम किसी को यहाँ रहने के लिए मना नहीं करते हैं. अगर व्यक्ति पर आई डी नहीं भी होती है तो रात में रुकने के लिए हम उसे बिस्तर दे देते हैं, ताकि ठंड से बच सकें.