उत्तर प्रदेश के मेरठ में SSP अविनाश पांडे ने स्वतंत्रता दिवस के अपने संबोधन में कहा कि देश की एकता और अखंडता की रक्षा के लिए पुलिस, सेना और अर्धसैनिक बलों को हथियार इस्तेमाल करने की शक्ति दी गई है. 

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उन्होंने सवाल उठाया कि जब हम हिंसा न करने की शपथ लेते हैं, तो क्या सुरक्षा बलों का हथियार इस्तेमाल करना उस शपथ के विपरीत है? अविनाश पांडे का यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.

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एकता और अखंडता पर जोर 

मेरठ में स्वतंत्रता दिवस समारोह में मेरठ SSP अविनाश पांडे ने अपने संबोधन में देश की एकता और अखंडता को लेकर पुलिस की भूमिका पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि हम सभी ने हिंसा न करने की शपथ ली है, लेकिन देश की सुरक्षा के लिए पुलिस, सेना और अर्धसैनिक बलों को हथियार इस्तेमाल करने का अधिकार दिया गया है.

SSP ने सवाल उठाया,  “क्या हमने अपनी शपथ में झूठ बोला?” उन्होंने स्पष्ट किया कि देश की एकता और अखंडता को नुकसान पहुंचाने वाले तत्वों के खिलाफ सुरक्षा बलों को सख्ती से कार्रवाई करनी होगी. उन्होंने जाति, धर्म और भाषा के नाम पर देश को बांटने की कोशिश करने वालों को भी कड़ा संदेश देते हुए कहा कि ऐसे तत्वों को रोकने में पुलिस की भूमिका सबसे पहली है.

मेरठ में शांतिपूर्वक मनाया गया स्वतंत्रता दिवस 

इससे पहले मेरठ स्वतंत्रता दिवस पूरे धूमधाम से मनाया गया. सरकारी संस्थाओं के साथ निजी संस्थानों में भी ध्वजारोहण किया गया.इसके साथ ही अलग-अलग इलाकों में तिरंगा यात्रा भी निकाली गयी. पुलिस भी पूरे समय अलर्ट रही. एसएसपी अविनाश पांडेय ने ये बात ध्वजारोहण के बाद कही थी.

एसएसपी अविनाश पांडेय इससे पहले भी मेरठ कमिश्नरी पर दलित संगठनों के धरना हटाने को लेकर चर्चा में आ गए थे, जब एक दलित नेता को पुलिस वैन में थप्पड़ मारा था, जिसके बाद मामला तूल पकड़ गया था. दलित संगठनों ने एसएसपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की कर दी थी.

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